पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक दल जातिगत समीकरण साधने और चुनावी बढ़त पाने के लिए लगातार रणनीतिक दांव खेल रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व नेता प्रगति मेहता को पार्टी में शामिल कराया है।
प्रगति मेहता की RJD में वापसी
प्रगति मेहता, जो पहले RJD के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, बाद में JDU और फिर BJP में चले गए थे।
BJP से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अब तेजस्वी यादव की मौजूदगी में RJD में वापसी की है।
तेजस्वी यादव ने पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर मेहता को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
प्रगति मेहता ने कहा: “यह मेरी घर वापसी है। बिहार के भविष्य और नेता प्रतिपक्ष आदरणीय तेजस्वी प्रसाद यादव जी ने मुझे RJD की सदस्यता दिलाई। बिहार की जनता बदलाव के मूड में है। जुमलेबाजी वाली सरकार अब जाएगी और तेज रफ्तार वाली सरकार आएगी।”
जमुई में धानुक वोट साधने की रणनीति
प्रगति मेहता अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के धानुक समुदाय से आते हैं और जमुई जिले में उनका मजबूत जनाधार है।
RJD ने उन्हें शामिल कर धानुक वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
जमुई में RJD के वरिष्ठ नेता विजय प्रकाश और जयप्रकाश यादव पहले से सक्रिय हैं, और अब प्रगति मेहता की एंट्री से पार्टी को इस क्षेत्र में संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जातिगत समीकरण पर फोकस
बिहार विधानसभा चुनाव में जातिगत गणित हमेशा निर्णायक रहा है।
RJD का यह दांव न केवल EBC समुदाय बल्कि धानुक जाति के मतदाताओं को जोड़ने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
प्रगति मेहता के आने से पार्टी की पकड़ जमुई और आसपास के क्षेत्रों में और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
बदलते समीकरणों के बीच RJD का आत्मविश्वास
बिहार का चुनावी माहौल इस वक्त पूरी तरह गरमाया हुआ है।
हर दल नए समीकरण और पुराने चेहरों की वापसी के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा है।
प्रगति मेहता की RJD में वापसी से सियासी जंग में एक नया मोड़ आ गया है।


