बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान एक तरफ जहां मतदान चल रहा था, वहीं दूसरी ओर ईवीएम का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। मुजफ्फरपुर साइबर थाना ने इस मामले में दो युवकों पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है।
दो विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मामले
पहला मामला बरूराज विधानसभा का है। यहां मतदान केंद्र संख्या 43 पर वोटिंग के दौरान एक युवक ने मोबाइल से ईवीएम की तस्वीर ली और उसे फेसबुक पर अपलोड कर दिया। जांच में युवक की पहचान कमलेश यादव के रूप में हुई है।
दूसरा मामला सकरा विधानसभा से जुड़ा है। 6 नवंबर को वोटिंग के दौरान सदानंद यादव, निवासी सादिकपुर मरौल, ने मतदान केंद्र से ईवीएम का वीडियो बनाया और 7 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही मोतीपुर सीओ के बयान पर साइबर थाना में एफआईआर दर्ज की गई।
साइबर पुलिस की कार्रवाई
डीएसपी (साइबर थाना) हिमांशु कुमार ने बताया,
“ईवीएम से जुड़ी तस्वीर और वीडियो के लिंक की जांच की गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि सामग्री किन माध्यमों से साझा की गई। इस तरह की तस्वीर या वीडियो बनाना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।”
पहले भी वायरल हुई थी तस्वीर
इससे पहले भी 6 नवंबर को साहेबगंज विधानसभा से ईवीएम की तस्वीर वायरल हुई थी। उस मामले में पुलिस ने यदुवंशी अभिषेक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। फिलहाल पुलिस सभी मामलों में आरोपियों की तलाश में जुटी है।
क्या कहता है नियम?
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित है। प्रशासन ने वोटिंग के दौरान मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था की थी, ताकि मतदान प्रक्रिया की गोपनीयता बनी रहे। लेकिन मुजफ्फरपुर में मोबाइल लेकर अंदर जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


