Bihar Elections 2025: चुनाव आयोग ने 72 घंटे में जारी किए इंडेक्स कार्ड, कई अहम उपलब्धियाँ दर्ज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के सफल आयोजन के साथ भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। इस बार आयोग ने 17 नई पहलें लागू कीं, जिनके कारण चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीकी रूप से उन्नत साबित हुई।

चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि बिहार चुनाव और 8 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनावों के इंडेक्स कार्ड (Index Cards) अब ECINet पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। यह पहली बार है जब मतदान के नतीजों के 72 घंटे के भीतर इंडेक्स कार्ड तैयार होकर सार्वजनिक किए गए।


बिहार चुनाव 2025 की बड़ी बातें

1. रिकॉर्ड मतदान

  • बिहार में 1951 के बाद सबसे अधिक 67.13% मतदान,
  • महिला मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी—71.78%,
    जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

2. शून्य अपील और शून्य री-पोल

  • विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 38 जिलों में किसी भी मतदाता या 12 मान्यता प्राप्त दलों ने एक भी अपील नहीं की
  • 2025 विधानसभा चुनाव में एक भी री-पोल नहीं कराया गया।
  • 2,616 उम्मीदवारों और सभी प्रमुख दलों ने किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की मांग नहीं की।

3. पारदर्शी और शांतिपूर्ण काउंटिंग

  • काउंटिंग में 243 रिटर्निंग ऑफिसर (RO),
    243 काउंटिंग ऑब्जर्वर,
    और 31,768 काउंटिंग एजेंट शामिल रहे।
  • हर विधानसभा क्षेत्र में 5 रैंडम बूथों के कुल 1,215 VVPAT मिलान किए गए—किसी भी स्थान पर EVM और VVPAT में कोई अंतर नहीं पाया गया।

ECINET पर 72 घंटे में जारी हुआ इंडेक्स कार्ड

पहले, इंडेक्स कार्ड तैयार करने में कई सप्ताह या महीने लग जाते थे। अब ECINet प्लेटफॉर्म आने के बाद:

  • डेटा अपलोड ऑटोमेटेड
  • फॉर्म भरने में मानवीय त्रुटियाँ कम
  • विश्लेषणात्मक रिपोर्ट जल्दी उपलब्ध

इंडेक्स कार्ड में शामिल डेटा:

  • प्रत्याशियों का विवरण
  • कुल मतदाता
  • मतगणना का विस्तृत डेटा
  • पार्टीवार और उम्मीदवारवार परिणाम

इन्हें ECINet App (About Elections → Current Elections → Index Cards) और ECI वेबसाइट दोनों पर देखा जा सकता है।


चुनाव आयोग की 17 ‘पहली बार’ पहलें (Annexure)

1. मतदाता सूची से जुड़े सुधार

  • शून्य-अपील वाली Special Intensive Revision—किसी योग्य मतदाता का नाम नहीं छूटा, न किसी अयोग्य का नाम शामिल हुआ।
  • BLO और polling staff का पारिश्रमिक बढ़ाया गया।
  • EPIC कार्ड 15 दिनों में उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
  • पारदर्शिता बढ़ाने के लिए BLO को स्टैंडर्ड फोटो ID जारी।

2. प्रशिक्षण में बड़े बदलाव

  • पहली बार BLO को IIIDEM दिल्ली में ट्रेनिंग
  • सभी राजनीतिक दलों के Booth Level Agents को प्रोफेशनल ट्रेनिंग।
  • बिहार पुलिस के लिए विशेष लॉ एंड ऑर्डर सत्र आयोजित।

3. मतदान प्रक्रिया में तकनीकी बदलाव

  • एक बूथ पर 1200 मतदाताओं की सीमा—भीड़ कम करने के लिए।
  • मोबाइल डिपॉजिट सुविधा की शुरुआत।
  • वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप पर सीरियल व पार्ट नंबर स्पष्ट।
  • ECINet पर मतदान प्रतिशत का लगभग रियल-टाइम अपडेट।
  • हर बूथ पर 100% वेबकास्टिंग
  • EVM बैलट पेपर पर उम्मीदवारों की फोटो और स्पष्ट डिस्प्ले
  • कैंडिडेट बूथ बनाने की अनुमति 100 मीटर सीमा के बाहर।

4. काउंटिंग सुधार

  • Form 17C और EVM डेटा में mismatch होने पर अनिवार्य VVPAT गिनती
  • अंतिम से पहले वाले राउंड की EVM/VVPAT गिनती तभी होगी जब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी हो जाए।

ECI का बयान

चुनाव आयोग ने कहा है कि इंडेक्स कार्ड सिर्फ रिसर्च और विश्लेषण के लिए तैयार किए गए हैं। वास्तविक डेटा संबंधित राजनीतिक प्रपत्रों (statutory forms) में सुरक्षित रहता है और वही अंतिम माना जाता है।


 

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