
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आरा में आयोजित ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने खुद को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया। इस रैली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मंच पर मौजूद थे।
नीतीश सरकार पर सीधा हमला
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘नकलची सीएम’ बताते हुए कहा कि बिहार की जनता अब डुप्लीकेट नहीं, बल्कि असली सीएम चाहती है। भीड़ से मुखातिब होकर उन्होंने सवाल किया – “आपको डुप्लीकेट सीएम चाहिए या ओरिजिनल?” इस पर समर्थकों ने जोरदार ‘ओरिजिनल सीएम’ के नारे लगाए।
तेजस्वी ने सरकार पर उनके विजन को कॉपी करने का आरोप लगाया और नारा दिया – “वोट चोर, गद्दी छोड़।”
वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य
यह यात्रा चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के खिलाफ निकाली गई है। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर मतदाता सूची में हेरफेर कर रहे हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि इस यात्रा को ऐतिहासिक समर्थन मिला है और लाखों लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क पर उतरे।
गठबंधन की स्थिति
रैली में अखिलेश यादव की मौजूदगी से महागठबंधन की एकजुटता का संदेश जरूर गया है, लेकिन कांग्रेस ने अब तक तेजस्वी को आधिकारिक रूप से सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। राहुल गांधी इस सवाल पर पहले ही गोलमोल जवाब दे चुके हैं।
आगे की योजना
तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद वह बिहार के लिए अपना विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार बदलाव के मूड में है और जनता असली सीएम को चुनेगी।


