बिहार दिवस 2026: गांधी मैदान में ‘सहकारिता मण्डप’ का उद्घाटन, “उन्नत बिहार–उन्नत पैक्स” मॉडल बना आकर्षण का केंद्र

पटना, 22 मार्च। बिहार दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सहकारिता विभाग द्वारा स्थापित “सहकारिता मण्डप” का भव्य उद्घाटन सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया। इस वर्ष समारोह की थीम “उन्नत बिहार – उज्ज्वल बिहार” रखी गई है, जिसके अनुरूप सहकारिता विभाग ने अपने मंडप को आधुनिक और जनोपयोगी स्वरूप में प्रस्तुत किया है।

उद्घाटन के बाद मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने मण्डप में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और सहकारी संस्थाओं द्वारा प्रदर्शित उत्पादों, सेवाओं एवं गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यह किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाकर गांव-गांव तक आर्थिक समृद्धि पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पैक्स (PACS), किसान उत्पादक संगठन (FPO) और अन्य सहकारी संस्थाएं किसानों को बाजार, तकनीक और वित्तीय सेवाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से इन संस्थाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी कार्यक्षमता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

“उन्नत बिहार–उन्नत पैक्स” मॉडल बना मुख्य आकर्षण
सहकारिता मण्डप में प्रस्तुत “उन्नत बिहार–उन्नत पैक्स” मॉडल इस बार का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यह मॉडल सहकारिता क्षेत्र के आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण और बहुआयामी विस्तार की दिशा में विभाग की पहल को दर्शाता है। आगंतुक इस मॉडल के माध्यम से समझ पा रहे हैं कि किस तरह पैक्स को मल्टी-सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कृषि से लेकर वित्तीय सेवाओं तक एक ही स्थान पर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री
मण्डप में राज्य के विभिन्न जिलों से आई सहकारी समितियों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। इनमें कृषि उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय उत्पाद शामिल हैं। इन स्टॉलों पर आगंतुकों की भारी भीड़ देखी जा रही है और बड़ी मात्रा में खरीदारी भी हो रही है, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल रहा है।

इसके अलावा, वेजफेड और बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के स्टॉल भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां आम नागरिकों को सहकारिता से जुड़ी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और अन्य सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
इस आयोजन के जरिए सहकारिता विभाग यह संदेश देने में सफल रहा है कि संगठित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। सहकारी संस्थाओं के जरिए न केवल किसानों की आय बढ़ रही है, बल्कि युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

इस अवसर पर निबंधक, सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह, अपर सचिव अभय कुमार सिंह सहित विभाग के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, बड़ी संख्या में आमजन ने मण्डप का भ्रमण कर सहकारिता क्षेत्र की गतिविधियों और योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

कुल मिलाकर, बिहार दिवस के इस आयोजन में सहकारिता मण्डप न केवल जानकारी और नवाचार का केंद्र बना है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास में सहकारिता की बढ़ती भूमिका को भी प्रभावी ढंग से प्रदर्शित कर रहा है।

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