पटना, 22 मार्च। बिहार दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कृषि विभाग के भव्य पवेलियन का उद्घाटन कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने किया। इस वर्ष बिहार दिवस का आयोजन 22 से 24 मार्च तक “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” थीम पर किया जा रहा है, जिसमें कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों और संभावनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
उद्घाटन के मौके पर कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कृषि पवेलियन के माध्यम से न केवल किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है, बल्कि आम जनता को भी कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों से अवगत कराया जा रहा है।
पारंपरिक से आधुनिक तक—कृषि का व्यापक प्रदर्शन
करीब 30 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने इस विशाल पवेलियन में बिहार के पारंपरिक उत्पादों से लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों तक का व्यापक प्रदर्शन किया गया है। यहां जीआई टैग प्राप्त भागलपुरी कतरनी चावल, चूड़ा, मर्चा चूड़ा, शाहाबाद क्षेत्र का सोनाचूर चावल, जूट के हस्तशिल्प, मोटे एवं पोषक अनाज, गुड़, सत्तू और सोनामोती गेहूं जैसे उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। इन स्टॉलों पर आगंतुकों की काफी भीड़ देखी जा रही है।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान का प्रदर्शन
पवेलियन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (समस्तीपुर) के विभिन्न महाविद्यालयों और उनकी उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है। इसके जरिए यह दिखाया गया कि कैसे कृषि शिक्षा और अनुसंधान बिहार को उन्नत बनाने में योगदान दे रहे हैं।
किसानों के लिए विशेष सुविधाएं
कृषि मंत्री ने बताया कि पवेलियन में किसानों के लिए कई उपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
- कृषि ज्ञान वाहन के माध्यम से फसलों की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
- चलंत मिट्टी जांच प्रयोगशाला के जरिए मौके पर ही मिट्टी की जांच की सुविधा दी जा रही है।
- छोटे कृषि यंत्र, पौधा संरक्षण उपकरण और आधुनिक मशीनों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे किसान नई तकनीकों को समझ सकें।
जलवायु अनुकूल कृषि पर जोर
पवेलियन में जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए “जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम” को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया है। इसके तहत किसानों को समय पर बुआई, उपयुक्त फसल चक्र, फसल विविधीकरण, जल और पोषक तत्व प्रबंधन तथा कृषि अवशेष प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और स्ट्रॉ बेलर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का भी प्रदर्शन किया गया है।
सूक्ष्म सिंचाई योजना: किसानों के लिए बड़ा सहारा
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उद्यान निदेशालय द्वारा सूक्ष्म सिंचाई योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों की उत्पादन लागत घटेगी और आय में वृद्धि होगी।
बागवानी और नवाचार का जीवंत प्रदर्शन
पवेलियन में छत पर बागवानी (रूफटॉप गार्डनिंग) का लाइव मॉडल, मखाना, मशरूम, अचार, सब्जी बीज उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट और एप्पल बेर जैसे उन्नत फसलों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। यह किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर विविधीकृत खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
ड्रोन और आधुनिक तकनीक का उपयोग
पौधा संरक्षण संभाग द्वारा कृषि ड्रोन और स्प्रेयर उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो खेती में तकनीक के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है। वहीं भूमि संरक्षण निदेशालय द्वारा जल संचयन संरचनाओं और शुष्क बागवानी के महत्व को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कुल मिलाकर, बिहार दिवस के इस आयोजन में कृषि पवेलियन न केवल किसानों के लिए ज्ञान और तकनीक का केंद्र बना है, बल्कि यह राज्य के कृषि विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों की एक सशक्त झलक भी प्रस्तुत कर रहा है।


