पटना, 22 मार्च। बिहार दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कला एवं संस्कृति विभाग का पवेलियन दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रविवार को विभागीय पवेलियन का उद्घाटन कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया।
इस वर्ष पवेलियन को ‘सेलिब्रेटिंग प्राइड, हेरिटेज एंड कल्चर’ थीम पर तैयार किया गया है, जिसमें बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला और ऐतिहासिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया गया है। पवेलियन में प्रवेश करते ही आगंतुकों को बिहार की विविधता और सांस्कृतिक गौरव की झलक देखने को मिल रही है।
डिजिटल तकनीक से जुड़ती विरासत
पवेलियन में डिजिटल इंटरैक्टिव कियोस्क और विशेष गेम्स के माध्यम से लोगों को बिहार की कला और संस्कृति के बारे में रोचक तरीके से जानकारी दी जा रही है। वहीं, वीआर (वर्चुअल रियलिटी) अनुभव केंद्र आगंतुकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है, जहां लोग बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का वर्चुअल भ्रमण कर रहे हैं।
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने भी वीआर हेडसेट के जरिए इस अनुभव को लिया और इसे अत्यंत प्रभावशाली एवं अभिनव पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीक नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रदर्शन
पवेलियन में बिहार की प्राचीन धरोहरों जैसे बाराबर गुफाएं और केसरिया स्तूप को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। इन स्थलों की ऐतिहासिक महत्ता और वास्तुकला को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है।
लोक कला की जीवंत झलक
यहां बिहार की प्रसिद्ध लोक कलाओं—जूट कला, मंजूषा कला, सुजनी कढ़ाई, मधुबनी पेंटिंग और टिकुली कला—को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। खास बात यह है कि कलाकार इन कलाओं का लाइव प्रदर्शन भी कर रहे हैं, जिससे दर्शक न केवल इन्हें देख पा रहे हैं, बल्कि उनकी प्रक्रिया को भी समझ रहे हैं। साथ ही, इन कलाओं से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री भी की जा रही है।
फोटो प्वाइंट और इंस्टॉलेशन से बढ़ा आकर्षण
पवेलियन में लगाए गए आकर्षक विजुअल इंस्टॉलेशन और फोटो प्वाइंट आगंतुकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर तस्वीरें ले रहे हैं और सोशल मीडिया पर साझा कर बिहार की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ा रहे हैं।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, कला एवं संस्कृति विभाग का यह पवेलियन बिहार दिवस समारोह में परंपरा और आधुनिकता के अद्भुत मेल का प्रतीक बनकर उभरा है, जो न केवल दर्शकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि उन्हें बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जोड़ भी रहा है।


