बिहार की गौरवगाथा और इसके 114वें स्थापना दिवस (2026) को भव्य बनाने के लिए शासन-प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। आगामी 22 से 24 मार्च तक राजधानी पटना के तीन प्रमुख स्थलों पर त्रि-दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. बी. राजेंद्र ने वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और आयोजन को सफल बनाने के लिए ‘एक्शन प्लान’ जारी किया।
तीन स्थलों पर बिखरेगी बिहार की सतरंगी छटा
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कार्यक्रमों का केंद्र पटना के तीन बड़े स्थल होंगे:
- गांधी मैदान: यहाँ मुख्य प्रदर्शनियां, भव्य पंडाल और मेले का केंद्र होगा।
- श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल: वैचारिक विमर्श और चुनिंदा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
- रविंद्र भवन: पारंपरिक कला, रंगमंच और लोक नाटकों के लिए समर्पित।
प्रमुख आकर्षण: व्यंजन मेला से लेकर पुस्तक मेला तक
बैठक में राज्य परियोजना निदेशक श्री नवीन कुमार ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से तैयारियों का खाका पेश किया। इस वर्ष बिहार दिवस के अवसर पर निम्नलिखित मुख्य आकर्षण होंगे:
- सांस्कृतिक संध्या: नामचीन कलाकारों द्वारा संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां।
- व्यंजन मेला: बिहार के हर जिले के पारंपरिक स्वादों का एक ही छत के नीचे जमावड़ा।
- पुस्तक मेला और लोकनाटक: साहित्य और रंगमंच प्रेमियों के लिए विशेष गैलरी।
- विभागीय प्रदर्शनी: राज्य सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को दर्शाती झांकियां।
आम जन की सुविधा के लिए सख्त निर्देश
ACS डॉ. बी. राजेंद्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्सव की भव्यता के बीच आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
- स्वच्छता और पेयजल: पीएचईडी (PHED) और नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम स्थलों पर 24 घंटे साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और पर्याप्त संख्या में शौचालय उपलब्ध रहें।
- ट्रैफिक प्रबंधन: पटना पुलिस को निर्देश दिया गया है कि पूरे शहर के ट्रैफिक का ‘मैपिंग’ कर उसे सार्वजनिक किया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में सुगम रास्ता मिल सके।
- सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण: गांधी मैदान जैसे स्थलों पर भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, बीएसईआईडीसी की निदेशक श्रीमती इनायत खां, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, और प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर समेत शिक्षा विभाग के तमाम वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
सभी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बिहार दिवस का यह आयोजन न केवल गौरवशाली हो, बल्कि आम लोगों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक भी रहे।


