बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला औरंगाबाद जिले से सामने आया है, जहां जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के नाम पर रिश्वत लेते एक निम्नवर्गीय लिपिक को टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। मामले में संबंधित अंचल अधिकारी (सीओ) पर भी गंभीर आरोप लगे हैं और दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद के कोईलवां गांव निवासी सुनील कुमार ने पटना में निगरानी विभाग से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हसपुरा अंचल की सीओ कौशल्या कुमारी और निम्नवर्गीय लिपिक श्लोक कुमार जमीन म्यूटेशन के बदले 15 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।
शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी लिपिक ने कथित तौर पर परिवादी से कहा कि 10 हजार रुपये दिए बिना दाखिल-खारिज नहीं होगा और यह रकम सीओ को देने की बात भी कही। आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्राथमिकी के बाद पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार झा के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गई। कार्रवाई के दौरान लिपिक श्लोक कुमार को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


