
पटना। बिहार की सत्ता के नए कलेवर में ढलने से ठीक पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने राज्य के विकास और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णयों की झड़ी लगा दी है। गुरुवार, 7 मई 2026 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह से महज कुछ घंटे पहले, बुधवार की शाम मुख्य सचिवालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 20 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव की मौजूदगी में उन एजेंडों को हरी झंडी दी गई, जो सीधे तौर पर बिहार की तस्वीर और तकनीक आधारित प्रशासन (e-Governance) के संकल्प को दर्शाते हैं। इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण सड़कों के रखरखाव के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) का उपयोग और धार्मिक व सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नामकरण बदलना रहा। प्रशासन ने संकेत दे दिया है कि नई टीम के आने से पहले ही सरकार ने आगामी कार्ययोजना का खाका पूरी तरह तैयार कर लिया है।
15,967 करोड़ से संवरेंगी बिहार की सड़कें: AI और ML तकनीक का होगा इस्तेमाल
सम्राट कैबिनेट ने बिहार के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली कुल 19,305.58 किलोमीटर लंबी सड़कों के अनुरक्षण और नियमित निगरानी के लिए ‘लॉन्ग टर्म आउटपुट एंड परफॉर्मेंस बेस्ड रोड एसेट मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट’ (LTOPBRAMC) प्रणाली को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 15,967 करोड़ 3 लाख 42 हजार रुपये की भारी-भरकम प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि सड़कों की गुणवत्ता और उन पर होने वाले गड्ढों या टूट-फूट की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक का सहारा लिया जाएगा। एक केंद्रीकृत कंट्रोल एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो सीधे तौर पर सड़कों की स्थिति की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। इससे न केवल ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि सड़कों की उम्र भी बढ़ेगी और आम जनता का सफर सुरक्षित व सुगम हो सकेगा।
माता सीता के नाम पर होगा सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज: स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला
धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करते हुए कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब सीतामढ़ी में स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (Medical College and Hospital) का नाम परिवर्तित कर दिया गया है। अब इसे ‘माता सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, सीतामढ़ी’ के नाम से जाना जाएगा। सीतामढ़ी को माता सीता की जन्मस्थली माना जाता है और इस नामकरण के जरिए सरकार ने क्षेत्र की पहचान को वैश्विक पटल पर और मजबूती से रखने का प्रयास किया है। इसके साथ ही, कैबिनेट ने दरभंगा के बेनीपुर और मधुबनी सदर में अनुमंडलीय न्यायालयों के बेहतर संचालन के लिए विभिन्न अराजपत्रित कोटि के 18 पदों के सृजन को भी हरी झंडी दी है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी।
शहरी विकास के लिए वर्ल्ड बैंक का साथ और ई-वोटिंग की पहल
नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत बिहार के चयनित शहरी केंद्रों को आर्थिक रूप से सशक्त और उत्पादक बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इसके तहत ‘बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम’ के क्रियान्वयन के लिए विश्व बैंक (World Bank) से 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,100 करोड़ रुपये से अधिक) के ऋण की सहायता प्राप्त की जाएगी। यह राशि बिहार के शहरों में जल निकासी, कचरा प्रबंधन और आधुनिक सुविधाओं के विकास पर खर्च होगी।
इसके अलावा, लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। नगरपालिका चुनाव 2026 में वरिष्ठ नागरिकों, शारीरिक रूप से दिव्यांगों, असाध्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों और अपने स्थान से प्रवासित मतदाताओं के लिए सुगमतापूर्वक मतदान सुनिश्चित करने हेतु ‘e-voting System’ (ई-वोटिंग) का उपयोग किया जाएगा। इसके तकनीकी कार्यान्वयन के लिए सी-डैक (C-DAC), हैदराबाद को एजेंसी के रूप में नामित किया गया है, जिस पर लगभग 31.45 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है।
परिवहन क्रांति: 400 इलेक्ट्रिक एसी बसों के लिए 517 करोड़ की सब्सिडी
पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत बिहार में 400 इलेक्ट्रिक एसी बसों के परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने इन बसों के अगले 12 वर्षों तक सफल संचालन के लिए ‘कैश गैप सब्सिडी’ (Cash Gap Subsidy) के रूप में कुल पुनरीक्षित राशि 517.16 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी है। शुरुआत में यह राशि 203.20 करोड़ रुपये थी, जिसमें अब 313.96 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इन बसों के आने से बिहार के प्रमुख शहरों में प्रदूषण कम होगा और आम लोगों को सस्ती व आरामदायक परिवहन सेवा मिल सकेगी।
शिक्षा और प्रशिक्षण: AI का ज्ञान लेंगे विधायक और अधिकारी
सूचना प्रावैधिकी विभाग के एक अनूठे प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। अब बिहार राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) के सदस्य तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी व कर्मचारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। बिहार वित्त नियमावली के तहत प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन किया जाएगा जो जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को एआई की बारीकियों और शासन में इसके उपयोग के बारे में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इसके अलावा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अंतर्गत बीआईटी मेसरा (BIT Mesra), रांची के पटना विस्तार केंद्र के साथ हुए समझौते की अवधि को 16 दिसंबर 2030 तक के लिए विस्तारित कर दिया गया है, जिससे उच्च तकनीकी शिक्षा का प्रवाह निरंतर बना रहेगा।
जमीन आवंटन: केंद्रीय विद्यालयों और एयरपोर्ट विस्तार को बढ़ावा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए अरवल के करपी अंचल और शेखपुरा के दो अलग-अलग अंचलों (शेखपुरा और शेखोपुरसराय) में केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) के भवनों के निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन भूखंडों को केंद्रीय विद्यालय संगठन को मात्र 1 रुपये के टोकन मूल्य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर दिया जाएगा। इसके साथ ही, पटना एयरपोर्ट कैंपस से सटे बियाडा (BIADA) की 1.85 एकड़ भूमि को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे एयरपोर्ट के विस्तार और सुरक्षा कार्यों में मदद मिलेगी।
सरकारी सेवकों को तोहफा और प्रशासनिक व्यय
वित्त विभाग ने राज्य के सरकारी सेवकों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब सरकारी कर्मचारी बैंकों या वित्तीय संस्थानों के माध्यम से अपने वेतन या पेंशन के विरुद्ध अग्रिम ऋण की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। कैबिनेट ने इस संबंध में बैंकों के साथ समन्वय के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा, सप्तम राज्य वित्त आयोग की अवधि का विस्तार किया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने राज्यपाल और उनके सचिवालय के उपयोग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 6 नई मोटर गाड़ियों के क्रय के लिए आकस्मिकता निधि से अग्रिम राशि की स्वीकृति प्रदान की है। जल संसाधन विभाग के तहत बक्सर, पटना और अररिया (गनियारी) में गंगा व अन्य नदियों के कटाव निरोधक कार्यों के लिए भी करोड़ों रुपये के प्राक्कलन को मंजूरी दी गई है।
7 मई का भव्य समारोह: गांधी मैदान में नई टीम का आगाज
कैबिनेट की बैठक खत्म होने के साथ ही अब सबकी नजरें कल यानी 7 मई 2026 के भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिक गई हैं। दोपहर 12:10 बजे राज्यपाल महोदय नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। गांधी मैदान में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद है। सम्राट चौधरी की इस नई और पूर्ण कैबिनेट से बिहार की जनता को काफी उम्मीदें हैं। आज के 20 एजेंडे यह स्पष्ट करते हैं कि सरकार का ध्यान तकनीकी सुधार, बुनियादी ढांचे की मजबूती और जनकल्याणकारी योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर है।


