बिहार ब्यूरोक्रेसी की ‘डिजिटल डायरी’ तैयार! ACS बी. राजेंदर ने किया ‘सिविल लिस्ट 2026’ का विमोचन; अब एक क्लिक पर मिलेगी हर अफसर की ‘कुंडली’

HIGHLIGHTS: पुराना सचिवालय में प्रशासनिक शक्ति प्रदर्शन

  • बड़ा विमोचन: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने जारी की ‘सिविल लिस्ट पुस्तिका 2026’।
  • अधिकारियों का डेटा: IAS, बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) और सचिवालय कर्मियों का फोटोयुक्त विवरण अब एक जगह।
  • प्रशासनिक सुगमता: ट्रांसफर, पोस्टिंग और सर्विस रिकॉर्ड ट्रैक करना अब होगा और भी आसान।
  • टीम वर्क: ACS बी. राजेंदर के साथ वित्त और उच्च शिक्षा सचिव ने संयुक्त रूप से किया विमोचन।

सिविल लिस्ट 2026: क्या है इस बार खास?

सेवा का प्रकार

शामिल विवरण

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)

फोटो, वर्तमान पदभार और संपर्क सूत्र।

बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS)

सेवा इतिहास और वरिष्ठता सूची।

बिहार सचिवालय सेवा

तैनात अधिकारियों एवं कर्मियों का विस्तृत डेटा।

सचिवालय आशुलिपिकीय सेवा

कर्मियों की प्रोफाइल और सेवा विवरण।

पटना | 18 मार्च, 2026

​बिहार की प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। पुराना सचिवालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव (ACS) बी. राजेंदर ने वित्त सचिव रचना पाटिल और उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन की मौजूदगी में ‘सिविल लिस्ट पुस्तिका 2026’ का विमोचन किया।

अधिकारियों की ‘फोटो’ बताएगी पहचान

​विमोचन के दौरान ACS बी. राजेंदर ने इस पुस्तिका की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा:

  1. पूर्ण पारदर्शिता: इन पुस्तिकाओं में केवल नाम और पद नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के फोटो सहित उनकी सेवा से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी समाहित की गई है।
  2. उपयोगिता: यह लिस्ट सरकारी कार्यों के निष्पादन में ‘गाइड’ की तरह काम करेगी, जिससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय (Coordination) बेहतर होगा।
  3. सराहना: ACS ने विशेष सचिव गीता सिंह और उनकी टीम के प्रयासों की तारीफ की, जिन्होंने समय सीमा के भीतर इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को तैयार किया।

VOB का नजरिया: क्या यह ‘डिजिटल बिहार’ की ओर बढ़ता कदम है?

​सिविल लिस्ट का समय पर प्रकाशन सुशासन (Good Governance) का एक अनिवार्य हिस्सा है। अक्सर फाइलों के अंबार में अधिकारियों की प्रोफाइल और उनके पुराने रिकॉर्ड ढूंढना मुश्किल होता था, लेकिन फोटोयुक्त सिविल लिस्ट 2026 इस समस्या का समाधान करेगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि इस लिस्ट का डिजिटल वर्जन सार्वजनिक करना और भी प्रभावी होगा, ताकि आम जनता भी यह जान सके कि उनके क्षेत्र या विभाग का नेतृत्व कौन कर रहा है। यह जवाबदेही (Accountability) तय करने का एक सशक्त माध्यम है।

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