
पटना | (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। बिहार के शिक्षा मंत्री ने आधिकारिक तौर पर नतीजों की घोषणा की। इस मौके पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र और बोर्ड अध्यक्ष भी मौजूद रहे।
कुल पास प्रतिशत 85.19%, लड़कियां आगे
इस वर्ष इंटर परीक्षा में कुल 85.19 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए हैं।
- लड़कियों का पास प्रतिशत: 86.23%
- लड़कों का पास प्रतिशत: 84%
एक बार फिर बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन कर अपनी बढ़त कायम रखी है।
टॉपर्स की संख्या और स्ट्रीम वाइज प्रदर्शन
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस साल कुल 26 छात्र-छात्राएं टॉपर बने हैं।
- आर्ट्स और कॉमर्स: छात्राओं का दबदबा
- साइंस: छात्रों ने टॉप किया
टॉपर्स की सूची जारी करने से पहले बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए उनका इंटरव्यू और हैंडराइटिंग वेरिफिकेशन कराया।

13 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा
इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में करीब 13 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
बिहार बोर्ड के नियम के अनुसार, परीक्षा में पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 30% अंक लाना अनिवार्य होता है।
ऐसे करें अपना रिजल्ट चेक
छात्र-छात्राएं अपना परिणाम ऑनलाइन आसानी से देख सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं — biharboardonline.bihar.gov.in
- “Bihar Board Intermediate Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
- अपना Roll Code और Roll Number दर्ज करें
- “Submit” पर क्लिक करते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर दिखेगी
- भविष्य के लिए डाउनलोड और प्रिंट जरूर लें
इसके अलावा छात्र अन्य आधिकारिक पोर्टल जैसे interbiharboard.com और bsebexam.com पर भी रिजल्ट देख सकते हैं।
पारदर्शिता पर बोर्ड का फोकस
बिहार बोर्ड ने इस बार भी परीक्षा और रिजल्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर खास जोर दिया। संभावित टॉपर्स को पटना बुलाकर उनकी कॉपी की जांच, इंटरव्यू और हस्तलेखन मिलान जैसे चरण पूरे किए गए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बेहतर रिजल्ट प्रतिशत और पारदर्शी प्रक्रिया से बिहार बोर्ड की विश्वसनीयता बढ़ी है। खासकर छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन को सामाजिक बदलाव का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
निष्कर्ष: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट रिजल्ट 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राज्य के छात्र-छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खासतौर पर बेटियों की सफलता ने शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है।


