
बिहार में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के विरोध में महागठबंधन ने बुधवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। सुबह से ही बंद का व्यापक असर देखने को मिला। जगह-जगह सड़कों और रेलवे ट्रैकों पर प्रदर्शन हुए, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहा।
रेल और सड़क यातायात ठप
भोजपुर के आरा में भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने प्राइवेट बस स्टैंड के पास सड़क जाम किया। वहीं, जगदीशपुर में पूर्व विधायक भाई जगदीश के नेतृत्व में बिहिया स्टेशन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस को रोककर विरोध जताया गया।
दरभंगा जंक्शन पर राजद नेताओं ने नमो भारत ट्रेन का चक्का जाम कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। राजद नेता भोलू यादव ने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के जरिये कमजोर और पिछड़े वर्गों को मतदान से वंचित करने की साजिश हो रही है।
जहानाबाद और पूर्वी चंपारण में प्रदर्शन
जहानाबाद में महागठबंधन के साथ ट्रेड यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। सुबह-सुबह एनएच-83 को जाम किया गया और पटना-गया पैसेंजर ट्रेन को कोर्ट रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। पुलिस हस्तक्षेप के बाद रेल परिचालन बहाल हो सका।
पूर्वी चंपारण में छतौनी, बरियारपुर और मीना बाजार के पास एनएच-27A को बंद समर्थकों ने जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के बाद अब “वोटबंदी” की साजिश चल रही है, जिससे गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होगा।
पटना और बाढ़ में भी सड़कें बंद
पटना के बाढ़ अनुमंडल के जलगोबिंद चौक पर राजद कार्यकर्ताओं ने NH-31 को जाम किया। पूर्व जिला प्रवक्ता मिथलेश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। पटना सिटी के जीरो माइल और गया मोड़ बस स्टैंड के पास कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी (लो) के समर्थकों ने आगजनी कर विरोध जताया और आवागमन ठप कर दिया।
प्रशासन की सख्ती
कई जगहों पर पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर रास्ता खाली कराया और यातायात बहाल किया गया, हालांकि कुछ जगहों पर तनाव की स्थिति भी देखी गई।


