बिहार विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग का बजट पास, 21270 करोड़ रुपए का अनुदान स्वीकृत

पटना। बिहार विधानसभा में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के बजट पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने जवाब दिया और सर्व समिति से विचार-विमर्श के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य विभाग का 21,270.41 करोड़ रुपए का अनुदान स्वीकृत कर दिया गया। योजना मद में 10,032.7 करोड़ और स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में 11,237.4 करोड़ रुपए रखा गया है।


बजट पास होते ही चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शिशु मृत्यु दर घटकर राष्ट्रीय औसत से बेहतर हो गया है। विपक्षी सदस्यों ने उनके जवाब का बहिष्कार किया, यह कहते हुए कि उनके सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना की, जबकि विपक्ष ने कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की।

सत्ता पक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार के शासन में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का निर्माण हुआ और पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 5,000 बेड का बनाया जा रहा है। वहीं, राजद ने कहा कि उनके समय में चरवाहा विद्यालय खोले गए, जिसे सत्ता पक्ष ने खारिज किया।

राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा:
“अस्पतालों में दलाल घूमते हैं और मरीज को निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। सरकार इस पर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है और इसीलिए हमने मंत्री के जवाब का बहिष्कार किया।”


स्वास्थ्य मंत्रालय की उपलब्धियां और योजनाएं

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि बिहार कई स्वास्थ्य सूचकांक में टॉप राज्यों में शामिल हो गया है।

  • 44,321 से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 14,060 ANM की नियुक्ति शीघ्र होने वाली है।
  • मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, सदर अस्पतालों में 350+ प्रकार की दवाएं, अनुमंडलीय अस्पताल में 250+, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 240+, शहरी स्वास्थ्य केंद्र में 150 और हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में 120 प्रकार की दवाएं मुफ्त दी जा रही हैं।
  • सभी जिलों में जीपीएस से लैस 180 मुफ्त औषधि वाहन का संचालन।
  • शिशु मृत्यु दर घटकर 23, नवजात मृत्यु दर 18, मातृ मृत्यु अनुपात 104।
  • प्रजनन दर 2015-16 में 3.4 थी, अब घटकर 2.8।
  • 2025 के प्रतिवेदन के अनुसार टीकाकरण 93% हो चुका है।
  • कालाजार उन्मूलन के लिए अभियान चलाकर 2022 में लक्ष्य हासिल।

स्वास्थ्य विभाग के भविष्य के कार्यक्रम

  • ब्लॉक लेवल हेल्थ सेंटर को स्पेशलिटी हॉस्पिटल में विकसित किया जाएगा।
  • जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया जाएगा।
  • प्राइवेट हॉस्पिटल चेन को बिहार में हॉस्पिटल खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • नए मेडिकल कॉलेज में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए PPP मॉडल लागू होगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था।
  • महिलाओं के कैंसर टीकाकरण में बिहार देश का पहला राज्य।

आगामी नियुक्तियां

स्वास्थ्य विभाग में अगले एक साल में 44,000+ पदों पर नियुक्तियां होंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • असिस्टेंट प्रोफेसर: 1,711
  • आयुष सेक्टर सहायक प्राध्यापक: 121
  • सहायक प्रोफेसर (होम्योपैथ) 18, (यूनानी) 15, (आयुर्वेद) 88
  • स्पेशल डॉक्टर (फिजीशियन) 304, सीनियर रेजिडेंट ट्यूटर 1,047, जूनियर रेजिडेंट 1,455
  • डेंटिस्ट 808, ट्यूटर (नर्सिंग) 498, स्टाफ नर्स 11,389, ANM 8,938, फार्मासिस्ट 2,473
  • मेडिकल कॉलेज में 12,627, फाइलेरिया निरीक्षक 69, खाद्य सुरक्षा 138

विपक्षी अनुपस्थिति का असर

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को भी विधानसभा में अनुपस्थित रहे। इस अनुपस्थिति के कारण स्वास्थ्य विभाग का बजट सर्वसम्मति से पास हो गया।

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