पटना, 04 अगस्त 2025 — आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) बिहार को नकली नोटों और आतंकी गतिविधियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी सफलता मिली है। विशेष न्यायालय (एटीएस), पटना ने वर्ष 2015 के एक बहुचर्चित मामले में आरोपी मनीष कुमार सिंह को दोषी करार देते हुए कुल 9 वर्ष की सजा और ₹4000 जुर्माना सुनाया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला थाना कांड संख्या 03/2015 से जुड़ा है, जिसे आतंकवाद निरोधक दस्ता, बिहार, पटना ने दर्ज किया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 01 अगस्त 2025 को आरोपी को दोषी पाया गया, और 04 अगस्त 2025 को न्यायालय ने सजा का ऐलान किया।
सुनाई गई सजा विवरण:
- भारतीय दंड संहिता की धारा 489 (B) के तहत – 6 वर्ष का कारावास
- धारा 489 (C) के तहत – 3 वर्ष का कारावास
- साथ ही कुल ₹4000/- का जुर्माना भी लगाया गया है।
नकली नोट और आतंकी लिंक का गंभीर मामला
आरोपी के विरुद्ध आरोप था कि उसने नकली भारतीय मुद्रा (FICN) के वितरण और आतंकी गतिविधियों से जुड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बनकर समाज में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की। एटीएस ने इस मामले की गहराई से जांच करते हुए पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए, जिससे दोष सिद्ध हो सका।
क्या कहती है एटीएस?
एटीएस बिहार के मुताबिक, यह फैसला नकली नोटों की तस्करी और आतंकी फंडिंग जैसी गंभीर समस्याओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रतीक है। इससे यह संदेश जाता है कि राज्य और देश की सुरक्षा के खिलाफ कार्य करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जनता से अपील – संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल दें
आतंकवाद निरोधक दस्ता, बिहार की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि अगर किसी को नकली मुद्रा, संदिग्ध व्यक्ति या आतंकी गतिविधियों की जानकारी हो, तो तत्काल नीचे दिए गए नंबर या ईमेल पर संपर्क करें:
📞 मोबाइल: 8544428172
☎️ लैंडलाइन: 0621-2215924
✉️ ईमेल: ats-bih@nic.in


