बिहार में बड़ा खुलासा: वृद्धावस्था पेंशन के दो लाख से अधिक लाभार्थी मृत, सरकार ने शुरू किया राज्यव्यापी सत्यापन अभियान

पटना — बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा बैठक में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के दो लाख से अधिक लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम पर वर्षों तक पेंशन का पैसा भेजा जाता रहा। इस मामले के सामने आने के बाद सरकार ने सभी जिलों को तत्काल भौतिक सत्यापन करने का निर्देश जारी कर दिया है।

सरकार ने कहा है कि जहां भी मृत व्यक्ति के खाते में राशि भेजी गई है, उसकी वसूली की कार्रवाई तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला: सभी योजनाओं का सत्यापन अनिवार्य

समाज कल्याण विभाग ने बुधवार को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं—

  • वृद्धावस्था पेंशन
  • विधवा पेंशन
  • दिव्यांग पेंशन
  • मृत्यु मुआवजा
  • विवाह अनुदान

की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभाग की सचिव बंदना प्रेयशी ने सभी जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • सभी लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन जल्द पूरा करें
  • मृत लाभार्थियों की पेंशन तुरंत रोकें
  • तय एसओपी के अनुसार वसूली प्रक्रिया शुरू करें
  • जिलों में लंबित आवेदनों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करें

उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्रकोष्ठों के सहायक निदेशक पारदर्शिता के साथ सत्यापन कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक ही पहुंचे।

1 दिसंबर 2025 से राज्यभर में होगा व्यापक सत्यापन अभियान

बिहार सरकार ने घोषणा की है कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों का राज्यव्यापी भौतिक सत्यापन अभियान 1 दिसंबर 2025 से शुरू होगा।

इसके लिए बड़ी व्यवस्था की गई है—

80,000 कर्मियों की तैनाती

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए राज्यभर में करीब 80,000 कर्मियों को लगाया जाएगा।

फ्री लाइफ ऑथेंटिकेशन की सुविधा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि CSC केंद्रों पर लाइफ ऑथेंटिकेशन बिल्कुल निःशुल्क होगा।
केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि वे:

  • फिंगरप्रिंट स्कैनर
  • आइरिस स्कैनर
  • फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम

उपलब्ध कराएं, ताकि बायोमेट्रिक सीमाओं के कारण कोई भी बुजुर्ग या दिव्यांग लाभार्थी वंचित न रह जाए।

मृत लाभार्थियों के खाते में भेजे गए पैसे की होगी वसूली

समीक्षा बैठक में पता चला कि बड़ी संख्या में ऐसे खाते हैं, जिनमें लाभार्थियों की मृत्यु के बाद भी राशि भेजी जाती रही। विभाग ने जिलों को ऐसे सभी मामलों की पहचान कर वसूली प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

विभागीय सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सही पात्रों तक पहुँचे, इसके लिए:

  • लक्ष्य निर्धारित किए जाएँ
  • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
  • सत्यापन रिपोर्ट समय पर भेजी जाए

सरकार की मानें तो इस अभियान का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों को हटाकर असली पात्र लोगों को योजना का लाभ सुनिश्चित करना है।

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