नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर क्रेडिट लाइन की सुविधा को सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इससे छोटे कर्ज की जरूरत वाले ग्राहकों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
अब तक कुछ ही बैंकों तक सीमित थी सुविधा
क्रेडिट लाइन की सुविधा अभी तक केवल चुनिंदा बैंकों तक सीमित थी। लेकिन अब RBI के दिशा-निर्देशों के बाद यह सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच सकेगी। इस सुविधा से उपभोक्ताओं को बैंकों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
यूपीआई ऐप्स से सीधे मिलेंगे छोटे कर्ज
नई व्यवस्था के तहत छोटे-छोटे कर्ज सीधे यूपीआई ऐप्स (जैसे फोनपे, गूगल पे, पेटीएम आदि) के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाए जाएंगे। बैंक और वित्तीय संस्थान नए ग्राहकों को आकर्षित करने और छोटे व्यापारियों व युवाओं तक आसानी से पहुंच बनाने के लिए इस सुविधा को लागू करेंगे।
क्या है क्रेडिट लाइन सुविधा?
यह सुविधा एक तरह का पूर्व-स्वीकृत ऋण है, जिसमें बैंक अपने ग्राहक को खर्च करने के लिए एक निश्चित सीमा (लिमिट) तय कर देते हैं। यह क्रेडिट कार्ड की तरह काम करेगी। ग्राहक जरूरत पड़ने पर इस सीमा तक तुरंत खर्च कर सकता है और बाद में किस्तों या तय शर्तों के अनुसार भुगतान कर सकता है।
शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट
केंद्र सरकार ने सोमवार को एक बार फिर साफ किया कि यूपीआई पर किसी प्रकार का लेन-देन शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
गौरतलब है कि एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने 30 अगस्त 2019 को जारी सर्कुलर में बैंकों को लेन-देन मूल्य का 0.30% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वसूलने की अनुमति दी थी। हालांकि, वर्तमान में यूपीआई लेन-देन उपभोक्ताओं के लिए निशुल्क हैं।
क्या होगा फायदा?
- छोटे व्यापारियों और सामान्य उपभोक्ताओं को तुरंत कर्ज उपलब्ध होगा।
- बैंकों के लिए नए ग्राहकों तक पहुंचने का आसान तरीका बनेगा।
- उपभोक्ताओं को बार-बार बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
- डिजिटल लेन-देन और यूपीआई का दायरा और व्यापक होगा।


