पटना, 07 अगस्त।राज्य के लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षा के क्षेत्र में बिहार सरकार ने एक और ठोस कदम उठाते हुए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 300 करोड़ रुपये की तृतीय किस्त को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा ऋण योजना को मजबूती देने के लिए बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड, पटना को यह राशि कर्ज एवं शुरुआती व्यय के लिए जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी निगम को 600 करोड़ रुपये की राशि दो किस्तों में दी जा चुकी है, इस प्रकार अबतक कुल 900 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है।
छात्रों को 4 लाख तक का शिक्षा ऋण – बेहद आसान शर्तों पर
सम्राट चौधरी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के छात्रों को अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 4% साधारण ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। खास बात यह है कि महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए यह ब्याज दर सिर्फ 1% निर्धारित की गई है।
ऋण चुकाने की प्रक्रिया भी बेहद लचीली रखी गई है। कोर्स पूरा होने के एक साल बाद या नौकरी मिलने के 6 महीने बाद से ही ईएमआई देनी होती है।
- 2 लाख तक के ऋण को अधिकतम 60 किस्तों में
- 2 लाख से ऊपर के ऋण को अधिकतम 84 किस्तों में चुकाने की सुविधा दी गई है।
- समय से पहले ऋण चुकाने पर 0.25% अतिरिक्त ब्याज छूट का भी प्रावधान है।
युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता: सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार युवाओं के लिए एक मजबूत रोजगारपरक तंत्र विकसित कर रही है।
उन्होंने बताया –
“अब तक 10 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 39 लाख से ज्यादा लोगों को विभिन्न रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी या रोजगार देने का लक्ष्य है।”
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बिहार के हजारों छात्र उच्च शिक्षा के सपने साकार कर सकें।
क्या है स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना?
बिहार सरकार की यह योजना राज्य के छात्रों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बनाई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की कमी के कारण कोई छात्र अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़े।
इस योजना के अंतर्गत
- इंटरमीडिएट पास छात्रों को
- उच्च शिक्षा हेतु
- सरकार गारंटी पर बैंकों से किफायती दर पर ऋण दिलवाती है।
इसका लाभ लेकर हजारों छात्रों ने इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है।
शिक्षा की नींव से बदलेगा बिहार का भविष्य
बिहार सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि वह सिर्फ रोजगार देने की नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा के ज़रिए मजबूत बनाने की दिशा में भी गंभीर है। आने वाले समय में इस योजना का और विस्तार होने की संभावना है ताकि कोई छात्र पीछे न छूटे।


