पटना, 29 नवंबर 2025: बिहार सरकार ने नगर निकायों के होल्डिंग टैक्स बकायेदारों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने नगरपालिका संपत्ति कर प्रोत्साहन ब्याज एवं जुर्माना छूट योजना लागू कर दी है, जिसके तहत 31 मार्च 2026 तक बकाया टैक्स पर लगाए गए पूरे ब्याज और जुर्माने को खत्म कर दिया गया है। करदाताओं को सिर्फ मूल टैक्स जमा करना होगा।
यह फैसला पटना समेत राज्य के सभी नगर निगम क्षेत्रों में राजस्व संग्रह बढ़ाने और संपत्ति कर भुगतान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
किसको मिलेगा लाभ?
नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होते ही यह योजना तत्काल लागू हो गई है। इसके तहत:
- 2025–26 व इससे पहले के सभी बकाया करदाता लाभ उठा सकते हैं
- योजना सिर्फ आवासीय संपत्तियों तक सीमित नहीं
- वाणिज्यिक, औद्योगिक, संस्थागत और सरकारी संपत्तियाँ भी शामिल
इससे बड़ी संख्या में बकायेदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कोर्ट में लंबित मामलों को भी मिलेगी छूट
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि:
- जिन मामलों पर कोर्ट या ट्रिब्यूनल में सुनवाई लंबित है, उन्हें भी योजना में शामिल किया गया है
- ऐसे करदाताओं को अपनी शिकायत लिखित रूप से वापस लेनी होगी
- इसके बाद उन्हें भी 100% ब्याज और जुर्माना माफी का अवसर मिलेगा
यह प्रावधान उन लोगों के लिए विशेष लाभकारी है जिनके केस तकनीकी कारणों से अटके थे।
होल्डिंग नंबर नहीं है? फिर भी मिलेगा लाभ
यह योजना उन संपत्तियों को भी कवर करती है जिनका अभी तक होल्डिंग नंबर निर्धारित नहीं हुआ है।
संपत्ति स्वामी:
- पहले टैक्स निर्धारण कराएंगे
- फिर वन टाइम सेटलमेंट योजना का लाभ ले सकेंगे
यह कदम नगर निगम के टैक्स बेस को बढ़ाने में सहायक होगा।
भुगतान प्रक्रिया और आसान हुई
सरकार ने बताया कि करदाताओं को योजना का लाभ उठाने के लिए:
- केवल मूल राशि का भुगतान ऑनलाइन या निगम कार्यालयों में करना होगा
- अधिकृत पोर्टल पर भुगतान की सुविधा उपलब्ध
- निगम का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग डिजिटल पेमेंट का उपयोग करें
इससे लोगों को लाइन में लगने या बार-बार ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
गलत जानकारी देने वालों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि:
- गलत सूचना देने
- संपत्ति छिपाने
- या तथ्य ग़लत प्रस्तुत करने
पर छूट तुरंत रद्द कर दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
क्यों खास है यह योजना?
- बकाया भुगतान आसान
- पुराने ब्याज और पेनाल्टी से राहत
- राजस्व संग्रह में तेजी
- संपत्ति कर प्रणाली को पारदर्शी बनाने में मदद
- लंबे समय से अटके कर विवादों का निपटारा
नगर निगम का लक्ष्य है कि इस योजना से शहर की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और करदाता भी बिना बोझ के अपने पुराने बकायों का निपटान कर सकेंगे।


