छपरा, 10 अगस्त।सारण जिले की राजनीति में रविवार को बड़ा उलटफेर हुआ। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में 128 पदाधिकारियों ने एक साथ पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया।
योगिनिया कोठी दुर्गा मंदिर के पास आयोजित एक बैठक में यह सामूहिक इस्तीफा घोषित किया गया। बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने पार्टी की मौजूदा नीतियों और नेतृत्व से असंतोष जताते हुए अलग राह चुनने का निर्णय लिया।
जिले के ज्यादातर प्रखंड अध्यक्षों ने छोड़ी पार्टी
इस्तीफा देने वालों में —
- सारण कमेटी के 28 पदाधिकारी
- 20 में से 16 प्रखंड अध्यक्ष
- पूरी महानगर इकाई
- संसदीय बोर्ड के 3 सदस्य
- महिला मोर्चा के 19 में से 11 पदाधिकारी (जिनमें जिलाध्यक्ष भी शामिल)
- छपरा महानगर के 20 वार्ड अध्यक्ष
प्रमुख प्रखंड अध्यक्षों में सोनपुर, दिघवारा, दरियापुर, परसा, अमनौर, मकेर, तरैया, बनियापुर, मढ़ौरा, एकमा, पानापुर, छपरा सदर, रिविलगंज और इसुआपुर के नाम शामिल हैं।
पहले भी पड़ चुका है सामूहिक इस्तीफे का झटका
सारण से पहले, खगड़िया में भी लोजपा (रा.) को एक साथ 38 नेताओं के इस्तीफे का सामना करना पड़ा था। हालांकि, उस वक्त पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. पवन जायसवाल और नवनियुक्त जिलाध्यक्ष मनीष कुमार ने दावा किया था कि यह खबर भ्रामक है और 38 में से 28 नेता अब भी पार्टी के साथ हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के प्रति वफादार हैं।
राजनीतिक असर और संकेत
राजनीतिक दलों में नेताओं का आना-जाना आम बात है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में एक साथ इस्तीफा देना आने वाले समय में सारण की राजनीतिक समीकरण को बदल सकता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने वाले अधिकांश नेता जल्द ही किसी नए राजनीतिक मंच से जुड़ सकते हैं, हालांकि उन्होंने अभी इस पर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।


