बिहार में महिलाओं को बड़ा अवसर: BSRTC शुरू कर रहा पूर्णतः महिला संचालित ‘पिंक बस सेवा’, 15 दिसंबर तक आवेदन, मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण और रोजगार का मौका

पटना : बिहार सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने राज्यभर में पूर्णतः महिला संचालित ‘पिंक बस सेवा’ शुरू करने की घोषणा की है। इसके लिए महिला चालकों की भर्ती प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। यह योजना महिलाओं को न सिर्फ सुरक्षित यात्रा देगी बल्कि उन्हें सम्मानजनक रोजगार भी प्रदान करेगी।

महिलाओं के लिए बड़ा अवसर – 15 दिसंबर 2025 तक आवेदन

BSRTC ने महिला चालकों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

  • आवेदन की अंतिम तिथि : 15 दिसंबर 2025
  • प्रशिक्षण प्रारंभ : 20 जनवरी 2026
  • प्रशिक्षण की अवधि : दो सप्ताह
  • स्थान : आईडीटीआर औरंगाबाद ट्रेनिंग स्कूल

महिला अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान रहने-खाने की पूरी मुफ्त सुविधा प्रदान की जाएगी। सफल प्रशिक्षणार्थियों को संविदा पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा।

योग्यता और लाइसेंस से जुड़े नियम

इस योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए निर्धारित पात्रता—

  • एचएमवी या एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य
  • कम से कम 3 वर्ष का ड्राइविंग अनुभव
  • आयु सीमा : 21 से 40 वर्ष (1 जनवरी 2026 तक मान्य)

BSRTC ने यह भी स्पष्ट किया है कि

  • जिन महिलाओं के पास केवल एलएमवी लाइसेंस है, उन्हें एचएमवी लाइसेंस प्राप्त करने में निगम मदद करेगा।

यह पहली बार है जब निगम बड़े पैमाने पर महिला चालकों को प्रशिक्षित कर व्यावसायिक ड्राइविंग के क्षेत्र में अवसर दे रहा है।

16 मई को CM नीतीश कुमार ने दिखाई थी 20 पिंक बसों को हरी झंडी

इस वर्ष 16 मई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में महिला संचालित पिंक बस सेवा की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई थी। वर्तमान में—

  • पटना : 8 बसें
  • मुजफ्फरपुर : 4 बसें
  • दरभंगा : 2 बसें
  • भागलपुर : 2 बसें
  • पूर्णिया : 2 बसें
  • गया : 2 बसें

संचालित हो रही हैं।

दूसरे चरण की बड़ी योजना — कुल 100 पिंक बसें

दूसरे चरण में और अधिक शहरों में पिंक बसें बढ़ाई जाएँगी—

  • पटना : 22 नई बसें
  • मुजफ्फरपुर : 16 बसें
  • दरभंगा : 13 बसें
  • पूर्णिया : 8 बसें
  • भागलपुर : 8 बसें
  • गया : 13 बसें

इनके बाद राज्य में कुल 100 पिंक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।

सीएनजी आधारित बसें, महिलाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस

पिंक बसें पर्यावरण के अनुकूल CNG से चलती हैं। इनमें महिलाओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है—

  • सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन (₹5 में उपलब्ध)
  • कैमरा और जीपीएस ट्रैकर
  • पैनिक बटन
  • चार्जिंग पॉइंट
  • माइक और म्यूजिक सिस्टम
  • गर्भनिरोधक गोलियाँ
    इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित, स्वस्थ और आरामदायक बनाना है।

चालक और कंडक्टर दोनों ही महिलाएँ – सुरक्षित और प्रेरक यात्रा

BSRTC के अनुसार, पिंक बसों में दोनों ही पद—चालक और कंडक्टर—महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इससे—

  • महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा
  • व्यावसायिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका बढ़ेगी
  • युवा और कामकाजी महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा

पहले चरण में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया जैसे शहरों में महिलाओं को इस सेवा से सबसे अधिक लाभ मिल रहा है।

कैसे करें आवेदन?

आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी—

  • BSRTC की आधिकारिक वेबसाइट
  • स्थानीय परिवहन कार्यालय
  • निगम के सूचना केंद्र

पर उपलब्ध है।

पिंक बस योजना – रोजगार, सुरक्षा और सम्मान का नया अध्याय

यह योजना बिहार की बेटियों को नई पहचान देने के साथ-साथ उन्हें स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।

  • रोजगार
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण
  • आत्मनिर्भरता
  • सम्मानजनक कार्य अवसर

BSRTC की यह पहल राज्य की महिलाओं को परिवहन क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएगी और सुरक्षित व प्रेरक सार्वजनिक परिवहन का नया अध्याय खोलेगी।

खबर अपडेट हो रही है…

  • Related Posts

    मिडिल ईस्ट के महायुद्ध में बिहार का एक और ‘लाल’ कुर्बान! भागलपुर के इंजीनियर देवनंदन की मिसाइल हमले में मौत; आखिरी शब्द— “ड्यूटी पर हूँ, बाद में बात करूँगा”

    Share Add as a preferred…

    Continue reading