औरंगाबाद, बिहार।
बिहार के औरंगाबाद जिले से बिजली विभाग की लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर कोई भी दंग रह जाएगा। यहां एक साधारण उपभोक्ता को बिजली विभाग ने तीन करोड़ से अधिक रुपये का बिल थमा दिया। इस बिल को देख उपभोक्ता और उसका परिवार हैरान-परेशान है और पूरे गांव में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
तीन कमरे का घर, लेकिन बिजली बिल करोड़ों में!
मामला दाउदनगर प्रखंड के मनार पंचायत स्थित ममरेजपुर गांव का है। यहां रहने वाले दीपक कुमार के घर में महज तीन कमरे हैं और उनका औसत मासिक बिजली बिल दो सौ से तीन सौ रुपये के बीच आता है। लेकिन 17 अप्रैल को जब मीटर रीडर विवेक कुमार ने उनके घर की रीडिंग ली, तो उसके बाद जो बिल आया उसने सबको चौंका दिया।
बिजली बिल की राशि थी – 3,07,77,431 रुपये।
दीपक कुमार ने बताया कि उन्होंने मार्च महीने में दो महीनों का बिजली बिल मात्र 228 रुपये जमा किया था। ऐसे में एक महीने में तीन करोड़ से अधिक का बिल मिलना किसी भी आम उपभोक्ता के लिए झटका देने वाला है।
“बिल देखकर पूरे परिवार के होश उड़ गए। इतनी बड़ी रकम का बिल एक आम इंसान कैसे चुका सकता है?” – दीपक कुमार, उपभोक्ता
तकनीकी खराबी का हवाला, विभाग की सफाई
बिल में इतनी भारी गड़बड़ी पर जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो बिजली विभाग के अधिकारियों ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी खराबी के कारण हुआ है और जल्द ही बिल में सुधार किया जाएगा।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब बिहार में बिजली बिल को लेकर गड़बड़ी की खबरें सामने आई हों। इससे पहले भी राज्य के कई हिस्सों से असामान्य बिलिंग की शिकायतें मिल चुकी हैं।
“यह एक तकनीकी त्रुटि है। उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है। बिल को जल्द ठीक कर दिया जाएगा।” – बिजली विभाग अधिकारी
उठते हैं गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बिजली बिलिंग सिस्टम की पारदर्शिता और ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर एक आम उपभोक्ता को करोड़ों का बिल थमाया जा सकता है, तो सोचिए जिन लोगों को पढ़ना-लिखना नहीं आता, वे कैसे इस तरह की लापरवाही का सामना करेंगे?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मामला
जैसे ही यह मामला सामने आया, सोशल मीडिया पर इस बिल की कॉपी तेजी से वायरल होने लगी। लोग बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं और विभागीय जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।


