पटना।बिहार सरकार ने राज्य को ग्रीन और प्रदूषण-मुक्त परिवहन की ओर ले जाने के लिए बजट में बड़ा ऐलान किया है। आने वाले समय में राज्यभर में 500 से अधिक ग्रीन बस स्टॉप बनाए जाएंगे, जहां यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग की भी व्यवस्था होगी।
400 इलेक्ट्रिक बसें 6 शहरों में चलेंगी
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत
पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में 400 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन किया जाएगा।
राज्यभर में बनेंगे 2000 चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पूरे बिहार में
2000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही हर प्रखंड में बड़ी गाड़ियों के लिए चार्जिंग सुविधा विकसित की जाएगी।
डीजल से मुक्ति, CNG और EV को बढ़ावा
राज्य में चल रही सभी डीजल बसों को CNG और इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा।
पटना में पहले ही 38 निजी डीजल बसों को CNG में बदला जा चुका है।
वर्तमान में परिवहन निगम की 266 CNG और 25 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं।
हर प्रखंड में प्रदूषण जांच केंद्र
राज्यभर में 1000 से अधिक वाहन प्रदूषण जांच केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि हर प्रखंड कवर हो सके।
इसके लिए वाहन प्रदूषण जांच केंद्र प्रोत्साहन योजना भी लागू की गई है।
ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और CNG स्टेशन
- हर अनुमंडल में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा
- सभी प्रखंडों और पंचायतों तक CNG स्टेशन विकसित किए जाएंगे
गांवों में रोजगार भी
सीएम ग्राम परिवहन योजना के तहत
अब तक 45,900 बेरोजगार युवकों को तिपहिया वाहन और एम्बुलेंस खरीदने पर अनुदान दिया गया है, जिससे उन्हें रोजगार मिला है।
यह योजना बिहार को ग्रीन, स्वच्छ और आधुनिक परिवहन राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे प्रदूषण घटेगा और आम लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।


