पटना/भागलपुर। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSTRC) ने अपनी पुरानी और जर्जर बसों को पूरी तरह मॉडिफाई कर हाइटेक और यात्री अनुकूल बनाने की योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य निजी बसों से मुकाबला कर यात्रियों को दोबारा सरकारी परिवहन से जोड़ना, सेवा की गुणवत्ता बढ़ाना और राजस्व संग्रह में इजाफा करना है। इस दिशा में निगम ने व्यापक रणनीति तैयार कर भागलपुर और पूर्णिया प्रमंडल में डिविजनल इंजीनियरों की तैनाती भी कर दी है।
मॉडिफिकेशन अभियान के तहत हर पुर्जा होगा जांचा-परखा
योजना के तहत निगम की सभी बसों का तकनीकी निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान इंजन, गियरबॉक्स, ब्रेकिंग सिस्टम, चेसिस, सस्पेंशन आदि सभी महत्वपूर्ण पुर्जों की गहन जांच की जाएगी। खराब या जर्जर पुर्जों को बदला या मरम्मत किया जाएगा।
स्पीड और स्थिरता का संतुलन:
पुरानी बसों की गति बढ़ाने पर भी काम होगा, ताकि यात्रा समय कम हो और यात्रियों को आरामदायक अनुभव मिले। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गति के साथ सुरक्षा और स्थिरता में कोई समझौता न हो।
नया लुक: बॉडीवर्क, पेंटिंग और इंटीरियर पर खास ध्यान
लंबे समय से उपेक्षित सरकारी बसों को नया जीवन देने के लिए बॉडीवर्क, इंटीरियर मरम्मत और नई पेंटिंग की जाएगी। इससे यात्रियों को साफ-सुथरी और आकर्षक बसों में सफर करने का अनुभव मिलेगा। निगम का मानना है कि बाहरी लुक के साथ आंतरिक सुविधा भी यात्री संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
राजस्व बढ़ाने की दिशा में डिजिटल टिकटिंग का विस्तार
निगम टिकट संग्रह प्रणाली को भी अपग्रेड करने जा रहा है। अब बसों में डिजिटल भुगतान के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा। इससे पारदर्शिता और राजस्व की निगरानी दोनों में सुधार आएगा।
क्यों जरूरी है यह पहल?
बिहार में निजी बसें लगातार बेहतर सेवाओं के चलते यात्रियों को आकर्षित कर रही हैं। इसके मुकाबले, सरकारी बसों की गिरती साख और जर्जर हालात से यात्री संख्या में गिरावट आई है। ऐसे में सरकारी बस सेवा को फिर से प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए यह मॉडिफिकेशन अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारी होंगे ज़िम्मेदार
भागलपुर और पूर्णिया में नियुक्त डिविजनल इंजीनियर न केवल तकनीकी दिक्कतों का तत्काल समाधान करेंगे, बल्कि वे क्षेत्रीय बसों की नियमित मॉनिटरिंग और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
राज्य सरकार द्वारा परिवहन क्षेत्र में यह पहल यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा और समय की दृष्टि से लाभ पहुंचाने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को फिर से सशक्त और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि यह योजना सफल होती है तो यह न केवल निगम की आय बढ़ाएगी बल्कि यात्री अनुभव को भी बेहतर बनाएगी।


