पश्चिम बंगाल में रहने वाले लोगों और खासकर बिहार-झारखंड से जुड़े परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इस बार का छठ महापर्व आप अपने पूरे परिवार के साथ मना पाएंगे, क्योंकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने छठ पूजा पर दो दिनों की सरकारी छुट्टी का एलान कर दिया है।
पहली बार दो दिन की छुट्टी
- यह पहला मौका है जब पश्चिम बंगाल सरकार ने छठ पर्व पर दो दिन की सरकारी छुट्टी देने का निर्णय लिया है।
- इस एलान के बाद छठ मनाने वालों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
ममता बनर्जी का एलान
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह घोषणा हिन्दी दिवस के अवसर पर की।
- उन्होंने एक्स (Twitter) पर लिखा:
“आज हिन्दी दिवस है। इस अवसर पर सभी हिन्दी भाषी भाई-बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ। हम सभी भाषाओं के प्रति श्रद्धावान हैं और वर्ष 2011 से हिन्दी भाषी लोगों के विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं।”
हिन्दी भाषा और अन्य भाषाओं को मिला सम्मान
- जिन क्षेत्रों में 10% से अधिक लोग हिन्दी बोलते हैं, वहाँ हिन्दी को सरकारी भाषा का दर्जा दिया गया है।
- इसके अलावा संथाली, कुरुख, कुड़माली, नेपाली, उर्दू, राजवंशी, कामतापुरी, उड़िया, पंजाबी, तेलगु भाषाओं को भी मान्यता दी गई है।
- सादरी भाषा के विकास के लिए भी राज्य सरकार प्रयासरत है।
शिक्षा और विकास की पहल
- हावड़ा में हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।
- बानारहाट और नक्सलबाड़ी में हिन्दी माध्यम के डिग्री कॉलेज खोले गए।
- कई कॉलेजों में हिन्दी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए गए।
- उच्च माध्यमिक प्रश्नपत्र हिन्दी में उपलब्ध हैं।
- रवीन्द्र मुक्त विद्यालय के छात्र अब हिन्दी भाषा में परीक्षा दे पा रहे हैं।
सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत संरचना
- असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हिन्दी भाषी लोगों के लिए निःशुल्क सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
- गंगासागर मेले के मद्देनज़र बेहतर आधारभूत संरचना का निर्माण किया गया है।
हिन्दी भाषी समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए, पश्चिम बंगाल सरकार ने छठ पूजा पर दो दिनों की छुट्टी का फैसला लिया है। यह कदम न सिर्फ हिन्दी भाषियों के लिए सौगात है बल्कि राज्य में सांस्कृतिक एकता को भी और मजबूत करेगा।


