
नई दिल्ली: जूट उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक कार्य मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹275 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई।
इस फैसले से पश्चिम बंगाल के बाद देश के दूसरे सबसे बड़े जूट उत्पादक राज्य बिहार के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
₹5,925 हुआ नया MSP, लागत पर 61.8% मुनाफा
विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट (TD-3 ग्रेड) का न्यूनतम समर्थन मूल्य अब ₹5,925 प्रति क्विंटल तय किया गया है। पिछले सत्र 2025-26 में यह ₹5,650 प्रति क्विंटल था।
सरकार के अनुसार, नया MSP किसानों की औसत उत्पादन लागत पर 61.8% का लाभ सुनिश्चित करता है। यह वृद्धि एम. एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश (लागत का 1.5 गुना MSP) के अनुरूप बताई जा रही है।
2014 के मुकाबले करीब 2.5 गुना बढ़ा MSP
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 में कच्चे जूट का MSP ₹2,400 प्रति क्विंटल था, जो अब 2026-27 में बढ़कर ₹5,925 हो गया है। यानी पिछले 12 वर्षों में ₹3,525 की वृद्धि दर्ज की गई है।
2014 से 2026 के बीच किसानों को कुल ₹1,342 करोड़ का MSP भुगतान किया गया है, जो पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक बताया गया है।
बिहार: देश का दूसरा सबसे बड़ा जूट उत्पादक राज्य
भारत विश्व का सबसे बड़ा कच्चा जूट उत्पादक देश है। देश के कुल उत्पादन का लगभग 99% हिस्सा पश्चिम बंगाल, बिहार और असम से आता है।
पश्चिम बंगाल (लगभग 80%) के बाद बिहार दूसरे स्थान पर है। बिहार के पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर जूट की खेती होती है। यहाँ की जलोढ़ मिट्टी और अनुकूल जलवायु जूट उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है। MSP में वृद्धि से इन क्षेत्रों के किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
JCI रहेगी नोडल एजेंसी, नुकसान की भरपाई करेगी सरकार
भारतीय जूट निगम (JCI) इस योजना के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मूल्य समर्थन संचालन (Price Support Operations) के दौरान यदि किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान होता है, तो उसकी पूरी भरपाई केंद्र सरकार करेगी। इससे बाजार में कीमतों में गिरावट की स्थिति में भी किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।
MSP तुलना तालिका
| विवरण | सत्र 2025-26 | सत्र 2026-27 (नया) | कुल बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) | ₹5,650/क्विंटल | ₹5,925/क्विंटल | ₹275 |
| उत्पादन लागत पर लाभ | – | 61.8% | – |


