भागलपुर | 4 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भागलपुर मतदान के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रशासन से लेकर समाज तक हर स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने की कवायद चल रही है। इसी कड़ी में आज जिले के विभिन्न प्रखंडों में जीविका दीदियों का अनोखा अभियान पूरे जोर पर रहा।
गांव की गलियों में नारों की गूंज, साड़ी में सजी महिलाएं, हाथों में तख्तियां और चेहरे पर लोकतंत्र मजबूत करने का संकल्प… देखकर साफ था कि इस बार महिलाएं चुनाव की असली कमांडर हैं।
रंगोली से संदेश, मेहंदी में लोकतंत्र — अनोखी पहल
कहलगांव, सुल्तानगंज, नवगछिया और जगदीशपुर में जीविका समूहों की महिलाओं ने
✅ आंगन–आंगन रैली
✅ मतदाता संकल्प सभा
✅ रंगोली–मेहंदी कार्यक्रम
✅ घर–घर संपर्क
चलाया।
किसी ने हथेली पर लिखा – “Vote for Bihar”
तो किसी ने बनाई रंगोली – “पहले मतदान, फिर जलपान”
गांवों में बच्चे भी नारे लगाते दिखे—
“रुके नहीं, थके नहीं, मतदान जरूर करेंगे”
दीदियों का संकल्प: “हम भी वोट देंगे, दूसरों को भी लेकर जाएंगे”
संकल्प सभा में महिलाओं ने दुपट्टा उठाकर वादा किया—
“11 नवंबर को सुबह सबसे पहले मतदान करेंगे
और दूसरे मतदाताओं को भी बूथ तक लेकर जाएंगे।”
कई गांवों में महिलाओं ने कहा,
“हमने घर चलाया है, अब लोकतंत्र भी संभालेंगे।”
क्यों खास है यह अभियान?
जीविका समूहों का नेटवर्क गांवों में बहुत मजबूत है।
मतलब—
जहां पंचायत पहुंचने में सरकार को वक्त लगता,
वहां ये दीदियां हर घर का दरवाजा खटखटा रही हैं।
उनका संदेश साफ—
“लोकतंत्र सबका है, वोट सब देंगे।”
इलेक्शन टीम की रणनीति
जिले में मतदान बढ़ाने के लिए
| मोड | एक्टिविटी |
|---|---|
| गांवों में | जागरूकता रैली, नारेबाजी |
| महिलाओं के बीच | मेहंदी व रंगोली कार्यक्रम |
| घर–घर | बूथ तक पहुंचाने का संकल्प |
| युवा | स्लोगन और पोस्टर |
ग्राउंड से रिपोर्ट: कैसा दिखा माहौल?
कहलगांव की महिलाओं ने ढोल–मंजीरा के साथ रैली निकाली
नवगछिया में दीदी–बहनों ने तख्तियां लेकर जुलूस निकाला
सुल्तानगंज में दीदियों ने घर–घर कॉन्टैक्ट किया
नाथनगर में छात्राओं ने भी बनाएं मतदान संदेश वाले पोस्टर
ग्रामीण महिलाओं का कहना था—
“पहले बिजली–सड़क—अब मतदान भी हमारी जिम्मेदारी है।
घर–परिवार देखे हैं, देश भी देख लेंगे।”
संदेश बड़ा, असर सीधा
- महिला शक्ति सक्रिय = बूथ पर भारी मतदान
- ग्रामीण इलाकों में माहौल + जागरूकता चरम पर
- उम्मीद: भागलपुर में वोटिंग प्रतिशत होगा बेहतर
अंतिम संदेश
“लोकतंत्र में हर वोट जरूरी, आपका नहीं तो किसका?”
11 नवंबर — बूथ पर मिलते हैं!


