पटना | 26 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को सारण जिले से बड़ा झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष अल्ताफ आलम राजू ने आज जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया है।
बागी हुए जदयू के आधार स्तंभ
अल्ताफ आलम राजू लंबे समय तक सारण जिला जदयू के जिलाध्यक्ष रहे हैं और मरहौरा विधानसभा सीट से प्रबल दावेदार माने जाते थे। लेकिन इस बार यह सीट एनडीए के सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत लोजपा (रामविलास) के खाते में चली गई, जिससे वे नाराज हो गए।
राजू ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मरहौरा से नामांकन किया था। इसके बाद जदयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जदयू ने अब बैद्यनाथ विकल को सारण जिला का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है।
राजद में शामिल होकर दिखाया नया रुख
नामांकन रद्द होने के बाद अल्ताफ आलम राजू ने राजनीतिक पारी का नया अध्याय शुरू किया और राजद की सदस्यता ग्रहण की। बताया जाता है कि उनकी यह वापसी राजद विधायक जितेंद्र राय (मरहौरा) और तरैया प्रत्याशी शैलेंद्र प्रताप सिंह के सहयोग से संभव हुई।
राजद में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा,
“यह घर वापसी जैसी है। नीतीश कुमार की पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं का अब कोई सम्मान नहीं बचा। तेजस्वी यादव ही अब बिहार की उम्मीद हैं।”
नामांकन रद्द होने से बदला समीकरण
मढ़ौरा सीट से चार प्रत्याशियों का नामांकन पत्र त्रुटियों के कारण रद्द कर दिया गया था — जिनमें अल्ताफ आलम राजू (निर्दलीय), लोजपा (रामविलास) की सीमा सिंह और दो अन्य निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे। इसके बाद से ही राजू के लिए यह कदम राजनीतिक मजबूरी के साथ रणनीतिक फैसला बन गया।
2020 में दी थी कड़ी टक्कर
गौरतलब है कि 2020 विधानसभा चुनाव में अल्ताफ आलम राजू ने मरहौरा से जदयू प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और राजद के विधायक जितेंद्र राय को कड़ी टक्कर दी थी। हार के बावजूद वे क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और पिछले पाँच वर्षों से मरहौरा में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत कर रहे थे।
बिहार चुनाव का माहौल गरमाया
बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का 11 नवंबर को होना है। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही अब सभी दल अपने उम्मीदवारों और प्रचार रणनीतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।


