पटना, 19 अगस्त 2025:बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने बियाडा एमनेस्टी नीति 2025 जारी की है। इस नीति का उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों पर लंबित मुकदमेबाजी को कम करना, समय और धन की बचत करना, और बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को फिर से चालू करना है। नीति का कार्यान्वयन 31 दिसंबर 2025 तक रहेगा।
सरल शब्दों में, यह नीति उन उद्योगों को अवसर देती है जिनका आवंटन विवादों या निष्क्रियता के कारण अटका हुआ है। अब ये इकाइयाँ अपनी समस्याओं को सुलझाकर दोबारा उत्पादन शुरू कर सकती हैं। इससे बिहार में औद्योगीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
बियाडा के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कई औद्योगिक इकाइयाँ या तो पूरी तरह बंद थीं या न्यूनतम उत्पादन कर रही थीं। बियाडा ने इन इकाइयों का निरीक्षण कर नोटिस जारी किए। जवाब न मिलने या कारण न बताने पर कई इकाइयों का आवंटन रद्द कर दिया गया। इससे कई शिकायतें भी दर्ज हुईं।
इस एमनेस्टी नीति के तहत रद्द की गई इकाइयों को उद्योग स्थापित करने या वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के लिए माफी दी जाएगी। नीति का लाभ लेने वाली इकाइयों को निर्धारित शपथ पत्र, प्रशासनिक प्रभार, लागू शुल्क और बैंक गारंटी प्रस्तुत करनी होगी।
बियाडा का मानना है कि इस पहल से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।


