बिहार का कुख्यात अपराधी भोला सिंह सूरत से गिरफ्तार, 11 साल बाद सीबीआई के हत्थे चढ़ा

बिहार के मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल भोला सिंह को आखिरकार केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। हत्या, अपहरण, अवैध हथियार और कई संगीन मामलों में आरोपी भोला सिंह पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। करीब 11 साल पुराने कोलकाता अपहरण कांड में उसकी गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

सीबीआई के अनुसार आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर गुजरात में रह रहा था। वह ‘अमित शर्मा’ नाम से फर्जी दस्तावेजों के सहारे सूरत में रह रहा था और अपनी असली पहचान को पूरी तरह छुपाने में सफल रहा था। खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर एजेंसी ने एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला वर्ष 2014 का है जब कोलकाता के दो युवकों का रहस्यमय तरीके से अपहरण हो गया था। दोनों युवक 14 जुलाई 2014 को अचानक लापता हो गए थे और लंबे समय तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। परिवारों ने न्याय की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी।

सीबीआई ने जांच शुरू की लेकिन आरोपी लगातार फरार रहा। कई सालों तक एजेंसी को कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद जांच जारी रही और आखिरकार वर्षों की मेहनत के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया।

जांच में सामने आया कि भोला सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई फर्जी पहचान बना रखी थी। वह ‘गौतम कुमार’ और ‘अमित शर्मा’ जैसे नामों का इस्तेमाल करता था। सूरत में उसने ‘अमित शर्मा’ के नाम से पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर रखे थे और करीब 11 वर्षों तक उसी पहचान के सहारे सामान्य जीवन जीता रहा।

सीबीआई के अलावा बिहार पुलिस भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, अवैध हथियार रखने और विस्फोटक सामग्री से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सूत्रों के अनुसार वह पटना जिले के पंडारख का रहने वाला है और अपराध की दुनिया में उसका नाम लंबे समय से सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या 10 से अधिक बताई जाती है।

भोला सिंह का आपराधिक इतिहास भी काफी पुराना है। वर्ष 2012 में पटना पुलिस ने उसे वाराणसी से गिरफ्तार किया था, जहां वह एक चर्चित हत्याकांड में वांछित था। हालांकि जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से फरार हो गया और पुलिस की पकड़ से दूर रहा। वर्ष 2022 में पुलिस ने उसके पैतृक गांव में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की थी लेकिन तब भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।

अपराध जगत में भोला सिंह का नाम काफी चर्चित रहा है और उसकी दुश्मनी कई बड़े अपराधियों से जुड़ी रही है। खास तौर पर मोकामा के बाहुबली नेता के साथ उसकी पुरानी अदावत की चर्चा होती रही है। हालांकि हाल के समय में दोनों के बीच किसी नए विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है।

सीबीआई ने इस गिरफ्तारी को एक लंबी और जटिल जांच का नतीजा बताया है। एजेंसी ने कई राज्यों में नेटवर्क तैयार किया और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही सूरत में उसके ठिकाने की पुष्टि हुई, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद उसे सूरत की अदालत में पेश किया गया जहां से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे कोलकाता ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब उससे अपहरण कांड के साथ-साथ अन्य मामलों में भी पूछताछ की जाएगी और उम्मीद है कि इससे कई पुराने मामलों का खुलासा हो सकता है।

करीब एक दशक से अपने बच्चों की तलाश कर रहे परिवारों के लिए यह गिरफ्तारी एक बड़ी राहत मानी जा रही है। हालांकि अब भी कई सवाल बाकी हैं जिनके जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि कानून से भागना संभव नहीं है और देर-सबेर अपराधियों को गिरफ्त में आना ही पड़ता है।

  • ये भी पढ़े..

    बी-टेक (लेटरल एंट्री) में नामांकन का पहला सीट आवंटन 25 जुलाई को, 23 जुलाई तक करें चॉइस फिलिंग

    Share Add as a preferred…

    25 जुलाई को बिहार के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में होगी अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी, समावेशी शिक्षा पर होगा संवाद

    Share Add as a preferred…