
आरा। भोजपुर जिले की साइबर पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है。 पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी बैंक खातों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों से ठगी की गई राशि को ठिकाने लगाने का काम करता था。 इस पूरे नेटवर्क के जरिए अब तक कुल ₹53,85,046 (तिरपन लाख पचासी हजार आठ सौ छियालीस) की निकासी किए जाने का मामला सामने आया है。
फर्जी खातों का मकड़जाल: ऐसे होती थी ठगी
भोजपुर साइबर थाना पुलिस ने पोर्टल के अवलोकन के दौरान पाया कि उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank), आरा ब्रांच में कई ऐसे खाते खोले गए थे, जिनका उपयोग साइबर फ्रॉड की राशि मंगाने के लिए किया जा रहा था。 अपराधी इन खातों में पैसे मंगाते थे और फिर चेक या विड्रॉल फॉर्म के माध्यम से बड़ी सफाई से पैसे निकाल लेते थे。
जांच के दौरान तीन प्रमुख बैंक खातों की पहचान की गई:
- खाता संख्या 1356020000001109: इसका धारक जावेद अली है, जिसका मोबाइल नंबर 7988674182 लिंक है。
- खाता संख्या 1356020000001110: इसकी धारिका शमीमा खातून है, जिसका लिंक मोबाइल नंबर 6206277618 महफूज अली के नाम पर है。
- खाता संख्या 1356020000001111: इसका धारक मोहम्मद मेराज अंसारी है。
गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर अपराधी
तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने इस कांड में शामिल एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है。
- गिरफ्तार अभियुक्त: मो० मेराज अंसारी, पिता- मो० अकबर अली, निवासी- मटियारा कायमगर, थाना- गीधा, जिला- भोजपुर。
- बरामदगी: पुलिस ने आरोपी के पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं:
- 01 मोबाइल फोन
- 10 चेकबुक
- 04 पासबुक
- 01 एटीएम कार्ड
देशव्यापी कनेक्शन: बंगाल से लेकर कर्नाटक तक शिकायतें
भोजपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने देश के कई राज्यों में चल रहे ठगी के मामलों की गुत्थी सुलझा दी है。 साइबर पुलिस पोर्टल पर इन बैंक खातों की जांच करने पर पाया गया कि इन पर विभिन्न राज्यों से कई शिकायतें दर्ज थीं:
- खाता 1109: पश्चिम बंगाल से एक शिकायत。
- खाता 1110: उड़ीसा, कर्नाटक और तमिलनाडु से कुल तीन शिकायतें。
- खाता 1111: उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और कर्नाटक से कुल पांच शिकायतें。
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
इस मामले में भोजपुर साइबर थाना कांड संख्या 0-27/26 (दिनांक 20.04.2026) दर्ज किया गया है。 आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)/319(2) और IT Act 2000 की धारा 66(C)/66(D) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है。 पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गिरोह में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए निरंतर छापेमारी और रेड जारी है。


