मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) | 22 फरवरी, 2026: राजस्थान के भिवाड़ी में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले पूर्वी चंपारण के 7 मजदूरों के शव रविवार को उनके पैतृक गांव पहुंचे। राजस्थान से एंबुलेंस के जरिए लाए गए इन शवों को मजिस्ट्रेट की कड़ी निगरानी में परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद वापसी के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
DNA टेस्ट से हुई पहचान: बेहद वीभत्स थी घटना
भिवाड़ी में हुए धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मृतकों के शवों की पहचान करना असंभव हो गया था। राजस्थान जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी शवों का DNA टेस्ट कराया। टेस्ट की रिपोर्ट आने और शिनाख्त पुख्ता होने के बाद ही शवों को बिहार भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में 7 एंबुलेंस से पहुंचे शव
राजस्थान से तहसीलदार सह मजिस्ट्रेट सुरेंद्र कुमार खुद शवों के साथ मोतिहारी पहुंचे। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन के निर्देश पर सातों शवों को पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ उनके परिजनों तक पहुंचाया गया है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
सरकारी सहायता का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय श्रम पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की:
- चिरैया क्षेत्र: श्रम पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से जो भी अनुग्रह राशि या सहायता निर्धारित है, उसे जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।
- हरसिद्धि क्षेत्र: श्रम पदाधिकारी मासूम रजा ने जानकारी दी कि मृतकों में से 5 मजदूर हरसिद्धि प्रखंड के रहने वाले थे। उनके तमाम दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि सहायता राशि के भुगतान में कोई तकनीकी बाधा न आए।
मृतकों के घर में मचा कोहराम
जैसे ही एंबुलेंस गांवों की गलियों में दाखिल हुई, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सातों शवों के एक साथ पहुंचने से स्थिति काफी गमगीन हो गई। रोजी-रोटी की तलाश में बिहार से हजारों किलोमीटर दूर गए इन मजदूरों की इस तरह वापसी होगी, यह किसी ने नहीं सोचा था।
द वॉयस ऑफ बिहार का संदेश: यह घटना बिहार में रोजगार के अभाव और पलायन के दर्द को एक बार फिर उजागर करती है। हम सभी पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


