
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज क्षेत्र में आयोजित भारत स्काउट और गाइड के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतिम दिन विद्यालय परिसर में आयोजित समापन समारोह में प्रतिभागियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कृष्णानंद सूर्यमल मॉडल इंटर स्तरीय हाई स्कूल के परिसर में आयोजित किया गया था। पांच दिनों तक चले इस शिविर में विद्यार्थियों को स्काउट और गाइड आंदोलन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें टीम भावना, सेवा कार्य, अनुशासन, नेतृत्व विकास, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सहयोग और नैतिक मूल्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
समापन समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में विशेष आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग, स्काउट गाइड संगठन तथा स्थानीय समाज से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और प्रशिक्षण शिविर की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तन्नु कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ भागलपुर जिला स्काउट और गाइड संगठन के प्रशिक्षण आयुक्त विपिन कुमार सिंह, सहायक सचिव अमरनाथ सिंह, रेंजर रौशन खातून, निशा कुमारी, विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर अजय कुमार तथा विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि पुरुषोत्तम कुमार चौरसिया की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रशासन और स्काउट गाइड संगठन की ओर से अतिथियों का सम्मान किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर अजय कुमार को शिक्षा और संगठनात्मक गतिविधियों में योगदान के लिए स्मृति चिह्न और सम्मान सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार और उपस्थित लोगों ने उनके कार्यों की सराहना की।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्हें समूह में कार्य करना, नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालना, समय प्रबंधन, सामाजिक सेवा और अनुशासित जीवन शैली के महत्व के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित शिक्षा देना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के व्यावहारिक पक्षों के लिए भी तैयार करना था।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्काउट और गाइड से जुड़े प्रमाण पत्र तथा सदस्यता से संबंधित दस्तावेज प्रदान किए गए। सैकड़ों विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र मिलने के बाद उनके चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। कई विद्यार्थियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मविश्वास और नई सोच प्रदान की है।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से संगठित होकर आगे बढ़ने और एक-दूसरे की मदद करने की अपील की। उनका कहना था कि जब छात्र एक टीम के रूप में काम करना सीखते हैं, तब वे भविष्य की चुनौतियों का सामना अधिक मजबूती से कर पाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने की भी सलाह दी। उनका कहना था कि समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्काउट और गाइड जैसी गतिविधियां युवाओं में सेवा और समर्पण की भावना विकसित करती हैं।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि भारत स्काउट और गाइड आंदोलन का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि युवाओं को ऐसा नागरिक बनाना है जो समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सके। संगठन की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहयोग के महत्व को समझाया जाता है।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के दौरान विद्यार्थियों को कई व्यावहारिक गतिविधियों में शामिल किया गया। इनमें प्राथमिक उपचार, आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता, स्वच्छता अभियान, समूह कार्य और नेतृत्व विकास जैसी गतिविधियां प्रमुख रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास की शक्ति का अनुभव हुआ।
समापन समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक और प्रेरणादायक प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण शिविर ने उन्हें अनुशासन और समय के महत्व को समझने में मदद की है। कई विद्यार्थियों ने भविष्य में भी स्काउट और गाइड की गतिविधियों से जुड़े रहने की इच्छा व्यक्त की।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी कार्यक्रम को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन छात्रों को केवल परीक्षा और अंक तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक नवल कुमार कुशवाह, मोहम्मद शहनबाज हुसैन, उमेश कुमार रजक, बिमल भारती, शिक्षिका कविता कुमारी, सीमा कुमारी और तनुप्रिया कुमारी सहित विद्यालय परिवार के कई सदस्य उपस्थित रहे। शिक्षकों ने पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई और विद्यार्थियों को लगातार मार्गदर्शन प्रदान किया।
स्काउट और गाइड संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इससे जोड़कर उनके व्यक्तित्व विकास में योगदान दिया जा सके। उनका मानना है कि शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास भी उतना ही आवश्यक है।
भागलपुर जिले में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर साबित हुआ। पांच दिनों के इस प्रशिक्षण ने उन्हें अनुशासन, सेवा, सहयोग और नेतृत्व जैसे मूल्यों से जोड़ने का काम किया। यही कारण है कि कार्यक्रम के समापन के बाद भी विद्यार्थियों के बीच इसका उत्साह और प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्यालय स्तर पर इस प्रकार की गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जाए तो आने वाली पीढ़ी अधिक जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और समाज के प्रति संवेदनशील बन सकती है। स्काउट और गाइड जैसी संस्थाएं युवाओं को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती हैं।
सुल्तानगंज में संपन्न हुआ यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर इसी सोच और उद्देश्य का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया है। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ जुड़ते हैं, तब विद्यार्थियों का व्यक्तित्व अधिक मजबूत और प्रभावशाली बनता है।


