भागलपुर की ‘लेडी विद द व्हिसल’: वार्ड 50 में सीटी बजते ही घरों से कूड़ा लेकर निकलती हैं महिलाएं; सफाई कर्मी खुशबू बनीं मिसाल

  • अनोखी पहल: भागलपुर के वार्ड 50 में सफाई कर्मी खुशबू कुमारी ने पेश की नजीर; सीटी बजाकर देती हैं कचरा गाड़ी आने का संकेत।
  • जागरूकता: सीटी की आवाज सुनते ही अलर्ट हो जाते हैं स्थानीय लोग; महिलाएं तुरंत कचरा लेकर पहुंच जाती हैं गाड़ी के पास।
  • सेवा भाव: खुशबू के लिए यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा है; स्थानीय लोगों ने कहा- अगर हर वार्ड में ऐसी दीदी हों, तो शहर चमक जाएगा।

द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)

​स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए जूझ रहे भागलपुर (Bhagalpur) शहर में वार्ड नंबर 50 की एक तस्वीर उम्मीद जगाती है। यहाँ की सफाई व्यवस्था की कमान एक ऐसी महिला के हाथ में है, जिन्होंने अपने काम को केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि एक मिशन बना लिया है। सफाई कर्मी खुशबू कुमारी (Khushbu Kumari) ने कचरा उठाने के अपने अनोखे तरीके से पूरे मोहल्ले को अनुशासन का पाठ पढ़ा दिया है।

सीटी बजी और कूड़ा बाहर

​आम तौर पर कचरा गाड़ी आने पर लोग अनसुना कर देते हैं, लेकिन खुशबू कुमारी का तरीका अलग है। वे गली में घुसते ही सीटी (Whistle) बजाती हैं।

  • सिस्टम: उनकी सीटी की आवाज स्थानीय महिलाओं के लिए ‘अलार्म’ की तरह है। जैसे ही सीटी बजती है, घरों की महिलाएं कचरा लेकर बाहर निकल आती हैं और सीधे उनकी गाड़ी में डाल देती हैं।
  • असर: इस तरकीब से न तो गाड़ी को ज्यादा देर रुकना पड़ता है और न ही लोग बहाना बनाते हैं कि गाड़ी का पता नहीं चला। इससे वार्ड में गजब की सफाई व्यवस्था कायम हो गई है।

नौकरी नहीं, सेवा है

​खुशबू कुमारी कहती हैं कि समाज की सेवा करके उन्हें आत्मसंतुष्टि मिलती है। उन्होंने नगर निगम (Municipal Corporation) का आभार जताया कि उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई, जिससे वे शहर को साफ रखने में अपना योगदान दे पा रही हैं।

लोगों के लिए बनीं प्रेरणा

​स्थानीय निवासी खुशबू के जज्बे के कायल हैं। लोगों का कहना है कि उनका समर्पण देखकर हम भी जागरूक होते हैं। यह पहल सिखाती है कि स्वच्छता सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर भागलपुर का हर सफाई कर्मी और नागरिक ऐसा तालमेल बिठा ले, तो शहर को नंबर-1 बनने से कोई नहीं रोक सकता।

खुशबू कुमारी जैसे कोरोना वॉरियर्स और स्वच्छता प्रहरी ही असली हीरो हैं।

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