भागलपुर के कायाकल्प की वैश्विक तैयारी: विश्व बैंक की टीम ने टटोली विकास की संभावना; सिल्क सिटी को स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने के लिए मिलेगा भारी वित्तीय सहयोग

भागलपुर। बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव की प्रतीक ‘सिल्क सिटी’ भागलपुर अब विकास के वैश्विक मानचित्र पर एक लंबी छलांग लगाने को तैयार है। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को विश्व बैंक की एक उच्चस्तरीय चार सदस्यीय टीम ने भागलपुर का सघन दौरा किया। सुश्री रोज़ाना निति (Ms. ROSANNA NITTI) के नेतृत्व वाली इस टीम में सुश्री वसुधा थावकर, श्री यूजी टोरियमी और श्री प्रकाश गौड़ जैसे विशेषज्ञ शामिल थे। इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य भागलपुर में शहरी विकास की अनछुई संभावनाओं को तलाशना और उन परियोजनाओं के लिए तकनीकी व आर्थिक ऋण का मार्ग प्रशस्त करना है। बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग (Urban Development and Housing Department) और विश्व बैंक के बीच होने वाले इस संयुक्त सहयोग का सीधा असर भागलपुर की अवसंरचना और यहाँ के नागरिकों के जीवन स्तर पर पड़ेगा। जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने जिला अतिथि गृह में टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अंग जनपद की समृद्ध विरासत से परिचित कराया।

सतत शहरीकरण और विश्व बैंक का विजन

​भागलपुर जैसे पुराने और सघन आबादी वाले शहर में अनियोजित शहरीकरण एक बड़ी चुनौती रही है। विश्व बैंक की इस पहल का मुख्य फोकस अनियोजित विस्तार को नियंत्रित करना और एक ‘सस्टेनेबल’ (सतत) शहरी विकास मॉडल को धरातल पर उतारना है। बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि विश्व बैंक केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं देगा, बल्कि तकनीकी क्षमता निर्माण और वैश्विक स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Global Best Practices) को भी यहाँ लागू करने में मदद करेगा। इससे शहर के डिजाइन, नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्थलों के प्रबंधन में आमूल-चूल परिवर्तन आने की उम्मीद है।

आई ट्रिपल सी में महामंथन: विकास का ‘पावर पॉइंट’ ब्लूप्रिंट

​भागलपुर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में टीम के सदस्यों ने महापौर डॉक्टर वसुंधरा लाल और नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। नगर आयुक्त ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से भागलपुर की वर्तमान स्थिति का कच्चा चिट्ठा टीम के सामने रखा। उन्होंने शहर की सड़कों, रेलवे नेटवर्क, ऐतिहासिक सैंडिश कंपाउंड, पुराने तालाबों और औद्योगिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति और उनकी भविष्य की आवश्यकताओं को रेखांकित किया।

​नगर आयुक्त ने विशेष रूप से दो महत्वपूर्ण बुनियादी जरूरतों पर जोर दिया:

  • अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था: शहर की संकरी गलियों और सड़कों के ऊपर फैले जर्जर बिजली के तारों के जाल को खत्म कर पूरे शहरी क्षेत्र में भूमिगत वायरिंग का प्रस्ताव रखा गया।
  • मेजर सीवरेज सिस्टम: शहर की जल निकासी व्यवस्था को वैज्ञानिक आधार देने के लिए एक वृहद सीवरेज सिस्टम की आवश्यकता बताई गई, जिससे गंगा नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोका जा सके और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

विरासत और विकास का संगम: जर्दालू आम से लेकर डॉल्फ़िन तक

​बैठक में भागलपुर की उन खासियतों का भी जिक्र हुआ जो इसे दुनिया के अन्य शहरों से अलग बनाती हैं। टीम को बताया गया कि भागलपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक ‘ब्रांड’ है। यहाँ का जर्दालू आम, कतरनी चावल और तसर रेशम (Silk) अपनी खुशबू और चमक के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हैं। इसके अलावा, मंजूषा पेंटिंग यहाँ की लोक संस्कृति की पहचान है।

​पारिस्थितिक दृष्टिकोण से भी भागलपुर का महत्व सर्वोपरि है:

​सुल्तानगंज से कहलगांव तक फैला ‘विक्रमशिला गांगेय डॉल्फ़िन अभयारण्य’ विश्व बैंक की टीम के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बाबूपुर के पास डॉल्फ़िन की उपस्थिति और नवगछिया के कदवा क्षेत्र में ‘गरुड़’ का प्रजनन केंद्र इस बात का प्रमाण है कि भागलपुर जैव-विविधता का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

मरीन ड्राइव और भैरवा तालाब: भागलपुर के नए लैंडमार्क

​शहरी खूबसूरती और आवागमन को सुगम बनाने के लिए बिहार सरकार के एक महात्वाकांक्षी प्रस्ताव ‘मरीन ड्राइव’ पर भी चर्चा हुई। सुल्तानगंज से भागलपुर तक गंगा के दक्षिणी किनारे पर मरीन ड्राइव बनने से जहाँ एक ओर यातायात की समस्या सुलझेगी, वहीं पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।

​शहर के भीतर जल संचयन और मनोरंजन के लिए भैरवा तालाब के विकास की योजना को प्रमुखता से रखा गया।

  • क्षेत्रफल: लगभग 25 एकड़ में फैला यह तालाब भागलपुर का ‘फेफड़ा’ बन सकता है।
  • बजट और योजना: महापौर ने जानकारी दी कि इसके विकास के लिए पहले 182 करोड़ की योजना बनाई गई थी। यहाँ पार्क, नौकायन (Boating), फिशिंग पॉइंट, कैफेटेरिया और पक्के घाट बनाने का प्रस्ताव है।
  • बहुआयामी लाभ: विकसित होने के बाद यह न केवल जल संचयन का केंद्र बनेगा, बल्कि शहर के नागरिकों के लिए हरियाली और ताजी हवा का एक खूबसूरत मनोरंजन स्थल भी होगा।

विश्व बैंक के सुझाव: शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान

​बैठक के दौरान विश्व बैंक की टीम की सदस्य वसुधा थावकर और प्रकाश गौड़ ने भागलपुर नगर निगम को एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्य विकसित राज्यों की तर्ज पर नगर निगम को अपने ‘विद्यालय’ और ‘स्वास्थ्य केंद्र’ विकसित करने चाहिए। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार से ही नागरिक जीवन स्तर में वास्तविक उन्नयन संभव है। टीम ने इन क्षेत्रों में भी तकनीकी और वित्तीय सहयोग की संभावनाओं को खुला रखने की बात कही।

फील्ड विजिट: धरातल पर सच्चाई की परख

​बैठक के औपचारिक सत्र के बाद विश्व बैंक की टीम ने जमीनी हकीकत जानने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया। टीम सबसे पहले भैरवा तालाब पहुँची और वहां की भौगोलिक स्थिति का मुआयना किया। इसके बाद टीम सरकारी गर्ल्स स्कूल गई, जहाँ उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था और अवसंरचना को देखा। अंत में, टीम नाथनगर के बुनकर क्षेत्र पहुँची। यहाँ के रेशम बुनकरों की कला और उनकी चुनौतियों को टीम ने काफी करीब से देखा और समझा। बुनकरों के उत्थान के लिए विश्व बैंक क्या भूमिका निभा सकता है, इस पर भी प्रारंभिक चर्चा हुई।

सांस्कृतिक सौगात: मंजूषा पेंटिंग के साथ विदाई

​दौरे के अंत में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने टीम की लीडर रोज़ाना निति को भागलपुर की सुप्रसिद्ध ‘मंजूषा पेंटिंग’ भेंट की। यह पेंटिंग केवल एक उपहार नहीं, बल्कि भागलपुर के प्रेम और उसकी कलात्मक विरासत का प्रतीक थी। बैठक में अपर समाहर्ता धीरेंद्र कुमार मिश्रा और संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विकसित भागलपुर की ओर बढ़ते कदम

​22 अप्रैल 2026 का यह दौरा भागलपुर के भविष्य के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हो सकता है। विश्व बैंक के वित्तीय और तकनीकी सहयोग से यदि प्रस्तावित योजनाएं धरातल पर उतरती हैं, तो भागलपुर न केवल बिहार का एक स्मार्ट शहर बनेगा, बल्कि यह अपनी रेशमी विरासत और आधुनिक अवसंरचना के अद्भुत मेल से पूरे पूर्वी भारत के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा। अब सबकी नजरें विश्व बैंक की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद मिलने वाले फंड आवंटन पर टिकी हैं।

  • ये भी पढ़े..

    सुल्तानगंज में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से महिला की मौत, पति गंभीर

    Share Add as a preferred…