
भागलपुर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां घर के भीतर हुए एक हादसे में एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के छोटी पर्वत गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि महिला खाना बना रही थीं, तभी बिजली के स्विच में करंट आने से उन्हें जोरदार झटका लगा और उनकी जान चली गई।
मृतका की पहचान के रूप में हुई है, जो चंचल जायसवाल की पत्नी थीं। जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वह अपने घर में शाम के समय खाना बना रही थीं। अंधेरा होने के कारण उन्होंने लाइट जलाने के लिए स्विच ऑन करने की कोशिश की, लेकिन स्विच में पहले से करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही उन्होंने स्विच को छुआ, उन्हें तेज झटका लगा और वह मौके पर ही गिर पड़ीं।
घटना के तुरंत बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार में मातम छा गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि बेबी जायसवाल अपने पीछे दो छोटे बेटे और एक बेटी छोड़ गई हैं। बच्चों की हालत बेहद दयनीय है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी इस हादसे को लेकर गहरे सदमे में हैं। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार की जिंदगी को बदल कर रख दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घर की बिजली व्यवस्था में पहले से ही कुछ गड़बड़ी थी। कई बार इसको लेकर शिकायत भी की गई थी, लेकिन समय रहते इसे ठीक नहीं कराया गया। लोगों का कहना है कि यदि बिजली व्यवस्था सही होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। इस घटना के बाद गांव में बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की पूरी तरह जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि घरेलू बिजली व्यवस्था को लेकर लोग कितने सजग हैं। कई बार छोटे-छोटे दोष या खराब वायरिंग बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं, लेकिन लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घरों में नियमित रूप से बिजली के उपकरणों और वायरिंग की जांच करानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि स्विच बोर्ड, वायर और अन्य बिजली उपकरणों को हमेशा सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए। इसके अलावा, नमी वाले स्थानों पर बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि कहीं भी करंट या स्पार्किंग जैसी समस्या दिखाई दे, तो तुरंत बिजली मिस्त्री से संपर्क कर उसे ठीक कराना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भी मांग की है कि गांवों में बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए और खराब विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं।
इस हादसे ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाएं, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
फिलहाल, छोटी पर्वत गांव में शोक का माहौल है और लोग इस घटना से उबर नहीं पा रहे हैं। परिवार अपने प्रियजन को खोने के दुख में डूबा हुआ है, जबकि गांव के लोग भी इस हादसे को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस घटना के बाद बिजली सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह के दर्द से न गुजरना पड़े।


