भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर ‘ट्रैफिक का टॉर्चर’; 72 घंटों से रेंग रही है लाइफलाइन, मेंटेनेंस और पाइप फटने से शहर भी हुआ जाम

भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: भागलपुर की लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु इन दिनों राहगीरों के लिए किसी ‘सब्र की परीक्षा’ से कम नहीं है। सेतु पर लगातार तीसरे दिन भी यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। ब्रेकडाउन, मेंटेनेंस और शहर के भीतर की अव्यवस्था ने मिलकर भागलपुर की सड़कों को ‘जाम का जंक्शन’ बना दिया है।

सेतु पर संकट: ब्रेकडाउन से शुरू हुआ, मेंटेनेंस पर अटका

​विक्रमशिला सेतु पर जाम की कहानी बुधवार रात से शुरू हुई, जब एक भारी वाहन के खराब होने से गाड़ियों की रफ्तार थम गई।

  • सुबह का प्रलय: गुरुवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सेतु पर भीषण जाम रहा। ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोग घंटों पुल के ऊपर ही फंसे रहे।
  • वन-वे ट्रैफिक का बोझ: दोपहर में स्थिति कुछ सुधरी ही थी कि पुल पर चल रहे जरूरी मेंटेनेंस कार्य की वजह से ट्रैफिक को वन-वे कर दिया गया। एक तरफ की गाड़ियां रुकने से दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जो देर रात तक जारी रहीं।

शहर के भीतर भी ‘दोहरी मार’

​पुल की समस्या से इतर, भागलपुर शहर के भीतर भी गुरुवार को चलना दूभर रहा:

  1. निशान यात्रा: धार्मिक कार्यक्रमों और निशान यात्रा के चलते शहर के प्रमुख चौराहों पर गाड़ियां फंसी रहीं।
  2. घंटाघर रोड पर पाइप लीकेज: शाम के वक्त घंटाघर रोड में अचानक पानी की पाइप फट गई। सड़क पर पानी भरने और मरम्मत कार्य शुरू होने के कारण यहाँ ‘जबरदस्त जाम’ लग गया, जिससे शाम की व्यस्तता और बढ़ गई।

यात्री और बस ऑपरेटर बेहाल

​इस जाम का सबसे बड़ा असर अंतरराज्यीय और अंतर-जिला बस सेवाओं पर पड़ा है। पूर्णिया, मधेपुरा और किशनगंज से आने वाली बसें अपने निर्धारित समय से 3 से 4 घंटे की देरी से भागलपुर पहुँच रही हैं। वहीं, भागलपुर से खुलने वाली बसों के लिए भी यात्रियों को स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ा।

VOB का नजरिया: मेंटेनेंस का वक्त और मैनेजमेंट पर सवाल?

विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य जरूरी है, इसमें दो राय नहीं। लेकिन क्या इसके लिए ट्रैफिक लोड का सही आकलन किया गया था? जब शहर में बड़े धार्मिक आयोजन (निशान यात्रा) हो रहे हों, तब मेंटेनेंस और पाइप रिपेयरिंग जैसे काम ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के बीच समन्वय की कमी को दर्शाते हैं। भागलपुर की जनता कब तक ‘लाइफलाइन’ के नाम पर ‘डेडलाइन’ झेलती रहेगी?

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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