​भागलपुर: बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव में शामिल होंगे पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भागलपुर। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के शौर्य और पराक्रम की याद में भागलपुर एक बार फिर गौरवशाली उत्सव का गवाह बनने जा रहा है। आगामी 23 अप्रैल 2026, बुधवार को आयोजित होने वाले ‘बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव’ को लेकर सिल्क सिटी में उत्साह और देशभक्ति का वातावरण चरम पर है। इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। प्रशासन ने उनके आगमन और समारोह की भव्यता को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। शहर के वीर कुंवर सिंह चौक से निकलने वाली भव्य शोभा यात्रा में हाथी, घोड़े और पारंपरिक गाजे-बाजे मुख्य आकर्षण होंगे, जो 19वीं सदी के उस सैन्य गौरव की याद ताजा करेंगे जिसने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं।

बृजभूषण शरण सिंह का विस्तृत कार्यक्रम और प्रशासनिक सतर्कता

​उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का भागलपुर दौरा काफी संक्षिप्त लेकिन व्यस्त रहने वाला है। प्रशासनिक सूचना के अनुसार, वे 23 अप्रैल की सुबह 11:10 बजे हेलीकॉप्टर के माध्यम से भागलपुर हवाई अड्डा पहुँचेंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने ‘रेड कार्पेट’ सुरक्षा घेरा तैयार किया है। हवाई अड्डे पर उतरने के मात्र 5 मिनट बाद, यानी 11:15 बजे वे सड़क मार्ग से मुख्य कार्यक्रम स्थल ‘टाउन हॉल’ के लिए प्रस्थान करेंगे।

​टाउन हॉल में आयोजित विजयोत्सव समारोह में वे मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे और अमर शहीद बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। समारोह को संबोधित करने के पश्चात, वे दोपहर 1:00 बजे टाउन हॉल से वापस हवाई अड्डे के लिए निकलेंगे और 1:15 बजे हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर जाएंगे। इस संक्षिप्त प्रवास के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए भागलपुर पुलिस मुख्यालय ने दर्जनों दंडाधिकारियों और सशस्त्र पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की है। हवाई अड्डे से टाउन हॉल तक के पूरे रूट की ‘लाइनिंग’ की गई है ताकि काफिले की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

हाथी-घोड़ों के साथ निकलेगी ऐतिहासिक शोभा यात्रा

​विजयोत्सव समारोह समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का आगाज सुबह 8:00 बजे वीर कुंवर सिंह चौक पर माल्यार्पण के साथ होगा। इसके तुरंत बाद एक भव्य शोभा यात्रा का शुभारंभ होगा, जो शहर के मुख्य मार्गों—जीरो माइल, तिलकामांझी चौक, मनाली चौक और आदमपुर चौक से होकर गुजरेगी। इस शोभा यात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए समिति ने विशेष तैयारियां की हैं।

​यात्रा में शामिल होने वाले हाथी और घोड़े आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगे। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक बैंड की धुन पर हजारों की संख्या में शहरवासी इस जुलूस का हिस्सा बनेंगे। समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस महानायक के त्याग से अवगत कराना है जिन्होंने 80 वर्ष की उम्र में भी अपनी एक बांह काटकर गंगा को अर्पित कर दी थी, लेकिन अंग्रेजों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। शोभा यात्रा की भव्यता यह दर्शाएगी कि भागलपुर की मिट्टी में आज भी अपने राष्ट्र नायकों के प्रति सम्मान और स्वाभिमान का भाव कूट-कूट कर भरा है।

सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा और दंडाधिकारियों की तैनाती

​पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मौजूदगी और हजारों की भीड़ को देखते हुए अनुमंडल कार्यालय सदर, भागलपुर ने कड़े प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर को विभिन्न सुरक्षा जोन में बांटा गया है। सांख्यिकी पदाधिकारी (सबौर) और कल्याण पदाधिकारी (सबौर) को हवाई अड्डे और हेलीपैड की सुरक्षा की कमान सौंपी गई है।

​रूट चार्ट के अनुसार, निम्नलिखित प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे:

  • हवाई अड्डा मुख्य द्वार: यहाँ बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और पुलिस बल की मुस्तैदी रहेगी।
  • जीरो माइल और तिलकामांझी चौक: इन संवेदनशील व्यापारिक और व्यस्त केंद्रों पर कृषि समन्वयकों और मत्स्य विकास पदाधिकारियों के साथ सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
  • आदमपुर और मनाली चौक: यहाँ पुलिस अवर निरीक्षकों के साथ दंडाधिकारियों को भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात सुनिश्चित करने का जिम्मा मिला है।
  • टाउन हॉल परिसर: मुख्य द्वार और परिसर के भीतर सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) के बाद ही प्रवेश की अनुमति होगी।

22 अप्रैल की शाम दीपों से रोशन होगी सिल्क सिटी

​विजयोत्सव की पूर्व संध्या, यानी 22 अप्रैल 2026 की शाम को ही उत्सव का माहौल बन जाएगा। कार्यक्रम प्रभारी एडवोकेट डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि प्रतिमा स्थल पर दीप प्रज्ज्वलन का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य शहरवासियों के भीतर देशभक्ति की ज्योति जलाना है। आयोजन समिति ने शहर के सभी सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से अपील की है कि वे इस गौरवपूर्ण क्षण का हिस्सा बनें।

​प्रेस वार्ता के दौरान समिति के पदाधिकारियों, जिनमें डॉ. अजय कुमार सिंह, स्वेता सिंह और गोल्डन सिंह तोमर शामिल हैं, ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी दल या जाति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी की जा रही है।

1857 के नायक की कालजयी विरासत

​बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह उस अदम्य इच्छाशक्ति का उत्सव है जिसने बिहार की धरती से विदेशी शासन के विरुद्ध पहली बार एक संगठित प्रतिरोध खड़ा किया था। जगदीशपुर के इस जमींदार ने अपनी छोटी सी सेना और सीमित संसाधनों के साथ अंग्रेजों की आधुनिक तोपों का मुकाबला किया। उनकी वीरता की कहानियाँ आज भी बिहार के लोकगीतों में रची-बसी हैं। भागलपुर में आयोजित होने वाला यह भव्य समारोह उसी विरासत को जीवंत रखने का एक सशक्त प्रयास है।

सुशासन और उत्सव का समन्वय

​23 अप्रैल 2026 को भागलपुर की सड़कों पर जब हाथी-घोड़ों की टाप गूँजेगी और मुख्य अतिथि के रूप में बृजभूषण शरण सिंह का आगमन होगा, तब प्रशासन की असली परीक्षा विधि-व्यवस्था बनाए रखने की होगी। अनुमंडल दंडाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को सुबह 9:00 बजे से ही अपने-अपने स्थानों पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। यातायात विभाग को भी निर्देश है कि काफिले के आवागमन के समय आम जनता को कम से कम असुविधा हो। यह आयोजन भागलपुर के लिए न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का है, बल्कि प्रशासनिक दक्षता के प्रदर्शन का भी एक अवसर है। वॉयस ऑफ बिहार (VOB) इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के हर अपडेट पर अपनी नजर बनाए रखेगा।

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