भागलपुर : नए वित्तीय वर्ष में 3 प्रमुख सड़कें होंगी फोरलेन; जाम के जंजाल से मिलेगी मुक्ति, अरबों का होगा निवेश

समाचार के मुख्य बिंदु: स्मार्ट सिटी की लाइफलाइन में बड़ा बदलाव

  • बड़ी घोषणा: वित्तीय वर्ष 2026-27 भागलपुर की सड़कों के लिए ‘कायाकल्प’ का वर्ष होगा; तीन महत्वपूर्ण सड़कों को टू-लेन से फोरलेन किया जाएगा।
  • लोहिया पुल-अलीगंज: 4 किलोमीटर लंबी इस सड़क का काम मई 2026 से शुरू होगा; करीब 2 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा।
  • अगरपुर-कोतवाली: 15 किलोमीटर लंबा यह स्ट्रेच जून 2026 में निर्माण की प्रक्रिया में आएगा; बांका और सन्हौला मार्ग से कनेक्टिविटी होगी बेहतर।
  • भागलपुर-हंसडीहा NH: 65 किमी लंबी इस नेशनल हाईवे परियोजना पर 863 करोड़ रुपये खर्च होंगे; 28 अप्रैल को खुलेगी निविदा (Tender)।
  • अधिकारी बयान: आरसीडी के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता और एनएच के मुख्य अभियंता संजय कुमार भारती ने दी विस्तृत जानकारी।
  • VOB इनसाइट: सिल्क सिटी के लिए ट्रैफिक जाम एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है; इन सड़कों के फोरलेन होने से न केवल समय बचेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

भागलपुर | 27 मार्च, 2026

​स्मार्ट सिटी भागलपुर के निवासियों के लिए नया वित्तीय वर्ष (2026-27) विकास की नई सौगात लेकर आ रहा है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत की खबर है कि जिले की तीन सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़कों को फोरलेन में तब्दील करने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से भागलपुर की सूरत और सीरत दोनों बदल जाएगी।

1. लोहिया पुल (उल्टा पुल) से अलीगंज: मई से शुरू होगा काम

​शहर के भीतर यातायात के दबाव को कम करने के लिए उल्टा पुल से अलीगंज बाईपास तक की 4 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा।

  • लागत: इस परियोजना पर लगभग 56.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • लाभ: सड़क चौड़ी होने से लोहिया पुल के आसपास लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी। इस सड़क के फोरलेन होने से अलीगंज और उसके आसपास के करीब चार दर्जन गांवों के 2 लाख से अधिक लोगों का आवागमन सुगम हो जाएगा।
  • समय सीमा: कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता के अनुसार, निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है और मई तक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

2. अगरपुर से कोतवाली: जून में शुरू होगी बड़ी परियोजना

​गोराडीह के अगरपुर से कोतवाली के बीच मौजूद 15 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। यह सड़क भागलपुर को दक्षिण बिहार और बांका सीमा से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

  • कनेक्टिविटी: यह मार्ग जगदीशपुर-सन्हौला रोड से जुड़ता है। साथ ही मिरजानहाट, सिकंदरपुर और गुड़हट्टा होते हुए लोहिया पुल-अलीगंज मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित करेगा।
  • विस्तार: इसके बन जाने से कजरैली और अमरपुर मार्ग की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के मुख्य बाजार में प्रवेश किए बिना एक वैकल्पिक और चौड़ा रास्ता मिल जाएगा। जून में इसका काम शुरू करने की योजना है।

3. भागलपुर-हंसडीहा NH: झारखंड से कनेक्टिविटी होगी और भी मजबूत

​भागलपुर को बांका और झारखंड के हंसडीहा से जोड़ने वाली 65 किमी लंबी नेशनल हाईवे (NH) परियोजना पर सबसे बड़ा निवेश होने जा रहा है।

  • बजट: इस सड़क के निर्माण पर कुल 863 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • महत्वपूर्ण तारीख: निविदा (Tender) 28 अप्रैल को खोली जाएगी।
  • लक्ष्य: एनएच के मुख्य अभियंता संजय कुमार भारती ने स्पष्ट किया है कि विभाग की योजना बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही निर्माण कार्य को गति देने की है। यह सड़क झारखंड जाने वाले मालवाहक वाहनों के लिए लाइफलाइन साबित होगी।

परियोजनाओं का तुलनात्मक विवरण

सड़क का नाम

लंबाई

अनुमानित लागत

कार्य प्रारंभ (संभावित)

लोहिया पुल – अलीगंज

4 किमी

₹56.71 करोड़

मई 2026

अगरपुर – कोतवाली

15 किमी

(निविदा प्रक्रियाधीन)

जून 2026

भागलपुर – हंसडीहा NH

65 किमी

₹863 करोड़

जून

VOB का नजरिया: क्या केवल सड़क चौड़ीकरण काफी है?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि सड़कों का फोरलेन होना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन प्रशासन को निर्माण के दौरान होने वाली परेशानियों और भविष्य की चुनौतियों पर भी ध्यान देना होगा।

  1. अतिक्रमण हटाना: फोरलेन बनाने के लिए सड़कों के किनारे से स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण हटाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके बिना फोरलेन का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।
  2. समय पर पूर्णता: अक्सर बिहार में बड़ी योजनाएं टेंडर और शुरुआती काम के बाद सुस्त पड़ जाती हैं। मई-जून में काम शुरू होने के बाद इसे मानसून के दौरान भी निरंतर जारी रखने की रणनीति बनानी होगी।
  3. ड्रेनेज सिस्टम: नई सड़कों के साथ जल निकासी (Drainage) का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए, वरना भागलपुर की पहली बारिश इन सड़कों को तालाब में बदल सकती है।

निष्कर्ष: सुशासन और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की ओर कदम

​भागलपुर के आरसीडी और एनएच विभाग की यह सक्रियता दर्शाती है कि सरकार अब स्मार्ट सिटी के बुनियादी ढांचे को लेकर गंभीर है। अरविंद कुमार गुप्ता और संजय कुमार भारती के नेतृत्व में इन तीन परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन भागलपुर के आर्थिक विकास के द्वार खोलेगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इन तीनों सड़कों के टेंडर, जमीन अधिग्रहण और निर्माण की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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