सन्हौला (भागलपुर), 3 अगस्त 2025:भागलपुर जिले के सन्हौला थाना क्षेत्र के रसलपुर शाह टोला गांव में दबंगई की एक गंभीर घटना सामने आई है। खेत में घुसकर घास चर रही भैंसों को भगाना किसान को इतना महंगा पड़ा कि उसे और उसके परिवार को दबंगों ने बेहरमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। घटना के बाद पीड़ित ने थाना में शिकायत की, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता से हताश होकर अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से गुहार लगाई है।

पीड़ित का आरोप: दो बार किया गया हमला, जान से मारने की धमकी
पीड़ित किसान कुंदन कुमार के अनुसार, गांव के ही मनीष यादव (25), पुतुल यादव, कुंदन यादव, घुटरा यादव और तुगनिया यादव अपने भैंसों को रोजाना उसके खेत में चरने भेजते थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पहले मारपीट की गई, और धमकी दी गई कि “अगर थाने गए तो जान से मार देंगे।”
घायल किसान का इलाज सन्हौला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। पहली घटना के बाद थाने में आवेदन देने के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 2 अगस्त को एक बार फिर पीड़ित पर हमला किया गया, जिसके बाद वह सीधे भागलपुर एसएसपी कार्यालय पहुंचा और लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
पीड़ित का आरोप है कि सन्हौला थाना पुलिस ने पहले घटना को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। ग्रामीणों के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है—गांव में लंबे समय से भू-संबंधी विवाद को लेकर तनाव बना हुआ है, लेकिन पुलिस कार्रवाई से दूर रही है।
अब उम्मीद एसएसपी कार्यालय से
घटना को लेकर कुंदन कुमार ने कहा,
“मैंने दो बार आवेदन दिया, लेकिन थाना ने एक बार भी कार्रवाई नहीं की। अब मैंने भागलपुर एसएसपी को सबूतों के साथ आवेदन दिया है। मुझे और मेरे परिवार को जान का खतरा है। न्याय न मिला तो प्रशासन जिम्मेदार होगा।”
क्या कहती है कानून व्यवस्था?
इस तरह की घटनाएं न केवल ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं, बल्कि थाने स्तर पर जनता के विश्वास की कमी को भी उजागर करती हैं। ग्रामीण अब इस बात की ओर देख रहे हैं कि वरीय अधिकारी मामले में कैसी कार्रवाई करते हैं।


