​श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर भागलपुर में प्रशासनिक हलचल तेज: 30 जुलाई से शुरू होगा मेला, जिलाधिकारी ने दिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश

भागलपुर, 15 मई 2026। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित और सुगम संचालन को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद हो गया है। मेले के दौरान देश के कोने-कोने से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और शिवभक्तों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुगमता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को भागलपुर के ऐतिहासिक समीक्षा भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समय से अपनी-अपनी तैयारियां प्रारंभ करने के कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस वर्ष की व्यवस्था को पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक बेहतर, आधुनिक और त्रुटिहीन बनाना है, ताकि सुल्तानगंज की पावन धरती पर कदम रखने वाले किसी भी कांवरिया को किसी प्रकार की व्यावहारिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

30 जुलाई से 28 अगस्त तक सुल्तानगंज में उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब

​समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने श्रावणी मेला 2026 की आधिकारिक तिथियों की घोषणा की और इसके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यह पवित्र मेला 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 28 अगस्त 2026 तक निरंतर चलेगा। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस आस्था के महाकुंभ में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित देश के कई अन्य राज्यों और विदेशों से भी प्रतिदिन लाखों की संख्या में कांवरिया गण सुल्तानगंज पहुंचते हैं।

​श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार रेल मार्ग, सड़क मार्ग और गंगा नदी के जल मार्ग का उपयोग करके यहां आते हैं, जिससे पूरे सुल्तानगंज और भागलपुर क्षेत्र में यातायात और बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव बन जाता है। इस विशाल भीड़ के पारदर्शी प्रबंधन के लिए जिलाधिकारी ने जिला राजस्व शाखा को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। इस वर्ष सुल्तानगंज क्षेत्र के सैरात की निविदा प्रक्रिया जिला राजस्व शाखा द्वारा समय पर पूरी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मेले के दौरान सुल्तानगंज और कांवरिया पथ में स्थापित होने वाली चौकियों की संख्या का निर्धारण और उनकी विधिक प्रक्रिया भी राजस्व शाखा द्वारा ही तय की जाएगी, ताकि पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित बनी रहे।

सुरक्षा का अभूतपूर्व चक्रव्यूह: पर्याप्त पुलिस बल के साथ नदी में होगी बोट पेट्रोलिंग

​श्रावणी मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। बैठक में मौजूद भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष पेश किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सुरक्षा मानकों को लेकर किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। गंगा नदी में स्नान करने वाले कांवरियों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से अत्याधुनिक नावों और मोटर बोट के जरिए निरंतर पेट्रोलिंग (गश्त) की व्यवस्था की जाएगी।

​इसके लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को चौबीसों घंटे नदी में मुस्तैद रखा जाएगा, जो किसी भी आपात स्थिति या जलस्तर बढ़ने पर त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी। वरीय पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया कि पूरे मेला क्षेत्र, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील पॉइंट पर पुलिस बल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। महिला कांवरियों की भारी संख्या को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस कर्मियों और महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, जो घाटों, विश्रामालयों और कांवरिया पथ पर सुरक्षा की कमान संभालेंगी।

तपते कांवरिया पथ पर पानी का छिड़काव और बालू का भंडारण करेगा पथ निर्माण विभाग

​सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कांवरिया पथ पर शिवभक्त नंगे पैर अपनी कठिन यात्रा पूरी करते हैं। अगस्त के महीने में तेज धूप और उमस के कारण सड़क और पथ की मिट्टी व बालू अत्यधिक गर्म हो जाते हैं, जिससे कांवरियों के पैरों में छाले पड़ने का खतरा बना रहता है। इस व्यावहारिक समस्या का मानवीय संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

​पथ निर्माण विभाग को आदेश दिया गया है कि वे कांवरिया पथ में प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर उत्तम गुणवत्ता वाली बालू का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करके रखेंगे। चूंकि धूप के कारण बालू बहुत जल्दी गर्म हो जाता है, इसलिए उस पर नियमित अंतराल पर पानी के छिड़काव की जिम्मेदारी भी पथ निर्माण विभाग की ही होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पानी के टैंकरों की व्यवस्था इस तरह की जाए कि पूरे दिन बालू नम रहे और शिवभक्तों को चलने में शीतलता का अनुभव हो। इसके अलावा, पूरे मेला क्षेत्र में रोशनी की पर्याप्त और निर्बाध व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि रात के समय कांवरियों को कोई असुविधा न हो। यातायात को अनुशासित करने के लिए मुख्य सड़कों के किनारे पीला पट्टी रंगवाने का काम समय पर पूरा करने को कहा गया है।

नमामि गंगे और सीढ़ी घाट पर बैरिकेडिंग, डस्टबिन रखना होगा अनिवार्य

​गंगा नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल द्वारा पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी नमामि गंगे घाट और सीढ़ी घाट पर मजबूत और वैज्ञानिक बैरिकेडिंग की जाएगी। गहरे पानी वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां लाल झंडे और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही घाटों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए ग्रीन नेट लगाए जाएंगे।

​श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नमामि गंगे घाट और सीढ़ी घाट पर सामान सुरक्षित रखने के लिए लॉकर और महिलाओं के लिए सुरक्षित चेंजिंग रूम (कपड़े बदलने के कमरे) की व्यवस्था निरंतर कार्य करेगी। स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र के सभी दुकानदारों के लिए अपनी दुकान के बाहर अनिवार्य रूप से डस्टबिन (कूड़ेदान) रखना होगा। जो दुकानदार इस नियम का उल्लंघन करेंगे या सड़कों पर कचरा फेंकेंगे, उन पर प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा। वाहनों के सुचारू प्रबंधन के लिए चिन्हित किए गए पार्किंग स्थलों पर भी सुरक्षा और रोशनी के कड़े प्रबंध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

खोया-पाया सूचना केंद्र और नुक्कड़ नाटकों से सामाजिक अभियानों का होगा प्रचार

​मेले के दौरान अक्सर भारी भीड़ के कारण परिजनों से बिछड़ने की घटनाएं सामने आती हैं। इस समस्या के त्वरित समाधान के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में कुल पांच महत्वपूर्ण स्थलों पर ‘खोया-पाया सूचना केंद्र’ संचालित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से लाउडस्पीकर और डिजिटल डिस्प्ले के जरिए बिछड़े लोगों की जानकारी प्रसारित की जाएगी और उन्हें उनके परिवार से मिलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता और श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए दो अलग-अलग स्थलों पर भव्य विभागीय प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

​सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा सरकार के विशेष सामाजिक अभियानों, जैसे बाल विवाह उन्मूलन, दहेज प्रथा समाप्ति, पूर्ण मद्यनिषेध अभियान और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में पेशेवर कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटकों का आयोजन करवाया जाएगा। इन नाटकों के जरिए मनोरंजक और संदेशात्मक तरीके से लोगों को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।

प्रशासनिक स्तर पर आपसी समन्वय से सफल होगा आयोजन

​इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भागलपुर जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक, तकनीकी और स्वास्थ्य क्षेत्र के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की प्रारंभिक कार्ययोजना जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था राकेश रंजन, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक नागेंद्र कुमार गुप्ता और सिविल सर्जन अशोक कुमार उपस्थित थे।

​इनके अलावा बिजली विभाग, पीएचईडी, नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग के सभी संबंधित पदाधिकारी भी इस मंथन का हिस्सा बने। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने की हिदायत दी ताकि किसी भी स्तर पर फाइलों या काम में देरी न हो। सभी विभागों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि तैयारियों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा सके।

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