
शाहकुंड (भागलपुर): भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड में जमीन की पैमाइश के दौरान बड़ा विवाद हो गया। गुरुवार को बरियारपुर गांव में भूमि मापी के लिए पहुंची अंचल अधिकारी (सीओ) डॉ. हर्षा कोमल और उनकी टीम पर दूसरे पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। घटना में सीओ, अंचल अमीन समेत कई लोग घायल हो गए। हंगामे के दौरान मापी कार्य में इस्तेमाल किया जा रहा कैमरा भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्रशासन के अनुसार जमीन की पैमाइश न्यायालय के आदेश के तहत कराई जा रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
मापी के दौरान शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग की टीम निर्धारित कार्यक्रम के तहत जमीन की पैमाइश करने गांव पहुंची थी। मापी शुरू होते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हंगामे के दौरान सरकारी टीम पर हमला किया गया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई।
सीओ और अमीन सहित कई लोग घायल
घटना में सीओ डॉ. हर्षा कोमल, अंचल अमीन तथा दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया।
चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
सरकारी कैमरा भी तोड़ा गया
हंगामे के दौरान मापी कार्य की रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा कैमरा भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने इसे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला माना है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कई लोगों के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी
सीओ ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मापी के दौरान गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और लोहे की रॉड से हमला किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे पक्ष ने भी उठाए सवाल
विवाद के दूसरे पक्ष का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और मामले को लेकर उन्होंने पहले ही जिला प्रशासन से मापी रोकने की मांग की थी। उनका आरोप है कि विवाद का समाधान किए बिना मापी कराई जा रही थी।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि मापी निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कराई जा रही थी तथा सरकारी टीम अपना वैधानिक दायित्व निभा रही थी।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने के बाद शाहकुंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की जाएगी। घटनास्थल से मिले तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भूमि विवाद का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा और किसी भी तरह की हिंसा या सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


