
- आस्था का सैलाब: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सुरखीकल शिव मंदिर से निकली भव्य कलश शोभा यात्रा; बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने लिया हिस्सा
- गंगा तट तक गूंज: शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बरारी गंगा घाट पहुंची यात्रा; श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भरा गंगाजल
- जलाभिषेक: माथे पर कलश और जुबां पर ‘हर-हर महादेव’; गंगाजल लेकर मंदिर लौटे भक्त, करेंगे बाबा का महाजलाभिषेक
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के मौके पर भागलपुर शहर शिवमय हो गया है। शनिवार सुबह सुरखीकल (Surkhikal) इलाके में भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब स्थानीय शिव मंदिर से एक भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें महिलाओं और युवतियों की भागीदारी देखते ही बन रही थी
‘हर-हर महादेव’ के नारों से गूंजा रास्ता
शोभा यात्रा मंदिर परिसर से शुरू हुई। गेरुआ वस्त्र धारण किए और माथे पर कलश लिए महिलाएं कतारबद्ध होकर चल रही थीं।
- माहौल: डीजे और भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूम रहे थे। पूरे रास्ते ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया
बरारी घाट से जलभरी
यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बरारी गंगा घाट (Barari Ganga Ghat) पहुंची।
- अनुष्ठान: गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ कलश में पवित्र गंगाजल भरा।
- वापसी और अभिषेक: जल भरने के बाद सभी श्रद्धालु वापस सुरखीकल शिव मंदिर लौटे। इसी गंगाजल से महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है और पूजा-अर्चना का दौर लगातार जारी है
शिवरात्रि पर कलश यात्रा की परंपरा बहुत पुरानी और पवित्र है।


