भागलपुर पुलिस के ‘रियल हीरोज’: SSP ने इन जांबाज अफसरों को नवाजा; पेंडिंग केस निपटाने में कहलगांव और बबरगंज थाना अव्वल

खबर के मुख्य बिंदु:

  • अपराध समीक्षा: एसएसपी भागलपुर की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी संपन्न; कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश।
  • शानदार रिकवरी: फरवरी में 771 नए मामले दर्ज हुए, जबकि पुलिस ने पुराने और नए मिलाकर रिकॉर्ड 986 कांडों का निष्पादन किया।
  • डिजिटल पुलिसिंग: नए कानूनों के तहत ‘ई-साक्ष्य’ ऐप और विभिन्न पोर्टल्स पर दक्षता बढ़ाने पर जोर।
  • सोशल मीडिया वॉच: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर 24×7 नजर; धारा-126 BNSS के तहत होगी कार्रवाई।

भागलपुर: अपराध नियंत्रण और फाइलों के बोझ को कम करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। एसएसपी भागलपुर ने ‘मासिक अपराध गोष्ठी’ के दौरान उन अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र (Letter of Appreciation) देकर सम्मानित किया, जिन्होंने फरवरी माह में लक्ष्य से अधिक कांडों का निष्पादन किया।

🏆 ये हैं भागलपुर पुलिस के ‘सुपर-10’ अधिकारी

​फरवरी 2026 में दर्ज हुए 771 मामलों के मुकाबले रिकॉर्ड 986 मामलों का निपटारा करने में इन अधिकारियों की भूमिका सबसे अहम रही:

  1. पु०नि० श्यामला कुमार — थानाध्यक्ष, कहलगांव (पेंडिंग केसों को खत्म करने में अग्रणी)
  2. पु०अ०नि० दिव्या कुमारी — थानाध्यक्ष, बबरगंज (त्वरित अनुसंधान और बेहतर पुलिसिंग)
  3. पु०अ०नि० पंकज किशोर — थानाध्यक्ष, सनोखर
  4. पु०अ०नि० अमित कुमार सिंह — थानाध्यक्ष, रसलपुर
  5. पु०अ०नि० रामचन्द्र सिंह — थानाध्यक्ष, जगदीशपुर
  6. पु०अ०नि० अनिशा राज — बबरगंज थाना
  7. पु०अ०नि० जनारधन सिंह — सुल्तानागंज थाना
  8. पु०अ०नि० जितेन्द्र कुमार शर्मा — नाथनगर थाना
  9. स०अ०नि० देव कुमार सिंह — बबरगंज थाना
  10. स०अ०नि० महानंद सिंह — कहलगांव थाना

सम्मान की वजह: 127% का ‘स्ट्राइक रेट’

​एसएसपी ने इन अधिकारियों की सराहना करते हुए बताया कि भागलपुर पुलिस ने इस महीने 127% की दर से मामलों का निष्पादन किया है (जितने केस दर्ज हुए, उससे कहीं ज्यादा पुराने केसों को बंद किया गया)।

  • महिला नेतृत्व का दम: सम्मानित होने वालों में महिला थानाध्यक्षों (जैसे बबरगंज की दिव्या कुमारी) की मौजूदगी यह दर्शाती है कि जिले में महिला अधिकारी अपराध नियंत्रण में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
  • निचले स्तर तक प्रोत्साहन: केवल थानाध्यक्ष ही नहीं, बल्कि सहायक अवर निरीक्षकों (ASI) को भी सम्मानित किया गया, ताकि ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले जवानों का मनोबल बढ़े।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • कुल सम्मानित: 10 पुलिस अधिकारी/पदाधिकारी।
  • मुख्य मानदंड: कांडों का सफल निष्पादन, वारंट/कुर्की का तामिला और थानों की साफ-सफाई।
  • प्रोत्साहन: एसएसपी ने कहा— “अच्छा काम करने वालों को सम्मान और कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।”

“जमानत पर बाहर आए अपराधियों की बनाओ सूची”

​एसएसपी ने थानों को निर्देश दिया कि जो अपराधी जमानत पर बाहर हैं, उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया जाए।

  • जमानत रद्दीकरण: संपत्तिमूलक कांडों (चोरी, लूट आदि) को बार-बार अंजाम देने वाले अपराधियों की जमानत रद्द कराने के लिए अभियोजन पदाधिकारियों से संपर्क करने का निर्देश दिया गया।
  • बाइक चोरी पर लगाम: शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्य योजना बनाने और गश्ती बढ़ाने को कहा गया है।

डिजिटल साक्ष्य और नए कानून पर फोकस

​बदलते कानूनी परिवेश में पुलिस को भी अपडेट रहने की हिदायत दी गई है।

  1. ई-साक्ष्य ऐप: नए आपराधिक कानूनों के तहत साक्ष्यों को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने के लिए ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी उपयोग का निर्देश दिया गया।
  2. पोर्टल एंट्री: CCTNS, I-RAD और भू-समाधान जैसे पोर्टल्स पर डेटा की समय पर प्रविष्टि को अनिवार्य किया गया है।
  3. भूमि विवाद: थानों में लंबित भूमि विवादों के लिए अंचलाधिकारी (CO) के साथ शनिवार की बैठकों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

VOB का नजरिया: प्रशस्ति पत्र केवल कागज नहीं, जिम्मेदारी है

​जब किसी पुलिस अधिकारी को उसके विभाग के मुखिया के हाथों सम्मान मिलता है, तो वह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि पूरे विभाग की कार्यशैली पर जनता का विश्वास बढ़ाती है। भागलपुर पुलिस की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण है। उम्मीद है कि ये ‘प्रशस्ति पत्र’ इन अधिकारियों को भविष्य में और अधिक ‘जन-हितैषी’ और ‘अपराध-विरोधी’ कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।

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