
मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: रामपुरखुर्द, मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र, भागलपुर।
- बरामदगी: 3.82 ग्राम ब्राउन शुगर, 03 मोबाइल फोन और ₹5,000 नगद।
- गिरफ्तार अभियुक्त: इंदु कुमार, पिता- मुन्नीलाल साह (रामपुरखुर्द)।
- पुलिस की रणनीति: मादक पदार्थों और चोरी/छिनतई के ‘हॉट स्पॉट्स’ पर सघन छापेमारी।
- तकनीकी साक्ष्य: बरामद तीन मोबाइल फोन से नशे के बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद।
भागलपुर। सिल्क सिटी भागलपुर में नशे के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा और अधिक कस दिया है। जिले के युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले गिरोहों के विरुद्ध वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मधुसूदनपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को पुलिस ने मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के रामपुरखुर्द इलाके में छापेमारी कर एक पेशेवर ड्रग तस्कर को ब्राउन शुगर की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल एक अपराधी की गिरफ्तारी है, बल्कि इलाके में सक्रिय नशे के छोटे-छोटे ‘हब’ को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
गुप्त सूचना और त्वरित प्रशासनिक सक्रियता
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिले में अवैध शराब, हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए पुलिस ने शहर और ग्रामीण इलाकों में चोरी और छिनतई के ‘हॉट स्पॉट्स’ चिन्हित किए हैं, जहाँ अक्सर अपराधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इसी कड़ी में 9 अप्रैल को पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि मधुसूदनपुर थानांतर्गत रामपुरखुर्द के पास प्रतिबंधित मादक पदार्थों (ब्राउन शुगर) की खरीद-बिक्री के लिए कुछ लोग जमा होने वाले हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस तंत्र सक्रिय हो गया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक की कड़ी निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नगर-02 और मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष कर रहे थे। पुलिस का उद्देश्य केवल तस्कर को पकड़ना नहीं था, बल्कि उसे रंगे हाथों दबोचना था ताकि कानूनी रूप से मामला पुख्ता रहे।
रामपुरखुर्द में घेराबंदी और अपराधियों की धर-पकड़
गठित टीम जैसे ही रामपुरखुर्द के समीप पहुँची, पुलिस कर्मियों की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी जो सड़क किनारे खड़ा होकर किसी का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस की गाड़ी और वर्दीधारियों को देखते ही युवक के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं और उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने भी बिना देरी किए सशस्त्र बल के सहयोग से उसका पीछा शुरू किया। चंद मिनटों की दौड़-भाग के बाद पुलिस ने आरोपी को चारों तरफ से घेर कर दबोच लिया।
तलाशी लेने पर आरोपी की पहचान रामपुरखुर्द निवासी इंदु कुमार (पिता- मुन्नीलाल साह) के रूप में हुई। जब पुलिस ने उसकी व्यक्तिगत तलाशी ली, तो उसके पास से 3.82 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इसके अलावा, उसके पास से तीन मोबाइल फोन और ₹5,000 की नगद राशि भी मिली। इतनी कम मात्रा में ब्राउन शुगर होने के बावजूद तीन मोबाइल फोन का होना यह दर्शाता है कि इंदु कुमार कोई साधारण नशा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि इस अवैध धंधे का एक सक्रिय हिस्सा है जो विभिन्न ग्राहकों और सप्लायरों के संपर्क में रहता था।
बरामदगी का विश्लेषण: एक बड़े सिंडिकेट की आहट
पुलिस बरामदगी को लेकर काफी सतर्क है। इंदु कुमार के पास से मिले 3.82 ग्राम ब्राउन शुगर की बाजार में कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। लेकिन पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली उसके पास से मिले 03 मोबाइल फोन हैं। आमतौर पर एक सामान्य व्यक्ति एक या दो फोन रखता है, लेकिन तीन फोन का इस्तेमाल इस बात की ओर इशारा करता है कि वह पुलिस की रडार से बचने के लिए अलग-अलग सिम कार्ड और हैंडसेट का उपयोग कर रहा था।
पुलिस अब इन तीनों फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगालने की तैयारी में है। यह माना जा रहा है कि इन फोन के जरिए भागलपुर शहर और आसपास के इलाकों में ब्राउन शुगर की आपूर्ति करने वाले मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सकता है। बरामद किए गए ₹5,000 नगद को नशे की बिक्री से अर्जित राशि माना जा रहा है। आरोपी के विरुद्ध मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मधुसूदनपुर थाना और ‘हॉट स्पॉट’ रणनीति
मधुसूदनपुर इलाका पिछले कुछ समय से पुलिस की विशेष निगरानी में रहा है। रामपुरखुर्द और उसके आसपास के क्षेत्रों में मादक पदार्थों की बिक्री की शिकायतें अक्सर पुलिस को मिलती रही हैं। थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल के नेतृत्व में पुलिस की यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के लिए राहत की खबर है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नशे के बढ़ते प्रचलन के कारण क्षेत्र में चोरी और छिनतई की घटनाएं भी बढ़ रही थीं, क्योंकि नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा अपराध की राह पकड़ रहे थे।
पुलिस की ‘हॉट स्पॉट’ छापेमारी रणनीति का उद्देश्य ही यही है कि जहाँ अपराध पनपता है, वहीं प्रहार किया जाए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि गश्त केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गलियों और सूनसान इलाकों में भी पुलिस की धमक रहेगी।
छापेमारी दल की कार्यकुशलता
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मधुसूदनपुर थाना के जांबाज अधिकारी और जवान शामिल थे। टीम का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों में शामिल थे:
- संजय कुमार मंडल: पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष, मधुसूदनपुर थाना।
- रतनेश कुमार सिंह: स०अ०नि०, मधुसूदनपुर थाना।
- अरुण कुमार सिंह: स०अ०नि०, मधुसूदनपुर थाना।
- सशस्त्र बल: मधुसूदनपुर थाना।
इन अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई और सटीक घेराबंदी के कारण ही अपराधी को भागने का अवसर नहीं मिल सका। पुलिस अब इंदु कुमार के पुराने आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल कर रही है ताकि यह पता चल सके कि वह पहले भी जेल जा चुका है या नहीं।
निष्कर्ष: नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
भागलपुर पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन अवैध मादक पदार्थों के व्यापार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। ब्राउन शुगर जैसे घातक नशे ने न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को बर्बाद किया है, बल्कि सामाजिक अपराधों में भी वृद्धि की है। इंदु कुमार की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण कड़ी है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं जो इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे थे। आने वाले दिनों में मधुसूदनपुर और आसपास के इलाकों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल, इंदु कुमार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


