भागलपुर पुलिस का ‘नशा मुक्त’ प्रहार: दीपनगर में ब्राउन शुगर की खेप के साथ 3 तस्कर दबोचे गए

भागलपुर | 23 फरवरी, 2026: बिहार पुलिस सप्ताह 2026 के संकल्प ‘नशामुक्त बिहार’ को धरातल पर उतारते हुए भागलपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जोगसर थाना क्षेत्र के शंकर टॉकिज के समीप दीपनगर इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर ब्राउन शुगर (स्मैक) के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक के उन कड़े निर्देशों का हिस्सा है, जिसके तहत जिले के ‘हॉट-स्पॉट्स’ पर सघन छापेमारी की जा रही है।

स्मैक की ‘पैकिंग यूनिट’ पर पुलिस की दबिश

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सागर कुमार नामक युवक के घर में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की पुड़िया बनाने (पैकिंग) का काम चल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक नगर-01 के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। रविवार, 22 फरवरी को जब टीम ने दीपनगर स्थित संदिग्ध ठिकाने की घेराबंदी की, तो वहां मौजूद अपराधी पुलिस को देख भागने लगे। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर कुमार, बादल कुमार और धासी ठाकुर के रूप में की गई है।

भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और नगदी बरामद

​आरोपियों की तलाशी और घर की छानबीन के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के पुख्ता सबूत बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से 10.45 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली ब्राउन शुगर बरामद की है। इसके साथ ही नशा तौलने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तस्करी में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस को आरोपियों के पास से 10,966 रुपये नगद भी मिले हैं, जिसे नशे की बिक्री से अर्जित रकम माना जा रहा है।

पुलिस सप्ताह: जागरूकता के साथ एक्शन भी

​यह कार्रवाई भागलपुर पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान में जिला स्तर पर ‘पुलिस सप्ताह-2026’ मनाया जा रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, आज यानी 23 फरवरी का दिन विशेष रूप से ‘नशामुक्त जागरूकता’ के लिए समर्पित है। पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश दिया है कि केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि नशे के सौदागरों के खिलाफ कठोर कानूनी प्रहार भी निरंतर जारी रहेगा।

द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: जोगसर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इन तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है ताकि इस काले कारोबार की मुख्य जड़ तक पहुँचा जा सके।

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