भागलपुर | 28 फरवरी, 2026: बिहार में शराबबंदी के बाद कानून-व्यवस्था की बदलती तस्वीर के बीच भागलपुर पुलिस के सामने अब दो नई और जटिल चुनौतियां खड़ी हो गई हैं—‘सूखा नशा’ (Synthetic Drugs) और ‘साइबर क्राइम’। भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अब केवल फुटकर सप्लायरों को नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए तकनीकी और खुफिया युद्ध छेड़ चुकी है。
चुनौती नंबर 1: ‘सूखा नशा’—युवाओं को बचाने की जंग
शराबबंदी के बाद कुछ आपराधिक गिरोहों ने अपना रास्ता बदलकर सिंथेटिक और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों (BS) की तस्करी शुरू कर दी है:
- सॉफ्ट टारगेट: ये गैंग स्कूल, कॉलेज और शहरी इलाकों के युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं。
- रणनीति: आईजी ने निर्देश दिया है कि केवल गिरफ्तारियां काफी नहीं हैं, बल्कि पूरे सप्लाई चेन को तोड़ना प्राथमिकता है。
- तकनीकी जांच: पुलिस अब आरोपियों के कॉल डिटेल्स (CDR), बैंक अकाउंट्स और सोशल मीडिया कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है ताकि मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके。
चुनौती नंबर 2: साइबर क्राइम—डिजिटल ठगों पर नकेल
डिजिटल क्रांति के साथ ही भागलपुर में ऑनलाइन फ्रॉड का ग्राफ भी बढ़ा है:
- ठगी के तरीके: ओटीपी फ्रॉड, फर्जी कॉल सेंटर, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल वॉलेट के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है。
- अंतरराज्यीय नेटवर्क: आईजी विवेक कुमार ने स्वीकार किया कि साइबर अपराधी अक्सर दूसरे राज्यों से ऑपरेट करते हैं, जिससे जांच जटिल हो जाती है。
- एक्शन प्लान: पुलिस की विशेष साइबर टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाहरी राज्यों के गिरोहों को भी दबोचा जा रहा है。
पुलिस का ‘इन्वेस्टिगेशन टूलकिट’
आईजी ने बताया कि इन आधुनिक अपराधों से निपटने के लिए पुलिस पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल फोरेंसिक का सहारा ले रही है:
VOB का नजरिया: ‘अपराध का अपग्रेडेशन’ और पुलिस की मुस्तैदी
अपराधी अब ‘हाई-टेक’ हो गए हैं और नशे का स्वरूप ‘बोतल’ से बदलकर ‘पुड़िया’ या ‘गोली’ में सिमट गया है। आईजी विवेक कुमार का यह रुख सराहनीय है कि पुलिस अब केवल प्यादों को नहीं, बल्कि वजीर (सरगना) को पकड़ने पर ध्यान दे रही है। समाज की भी जिम्मेदारी है कि साइबर ठगी और सूखे नशे की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित करें, क्योंकि ये दोनों जहर हमारी आने वाली पीढ़ी को खोखला कर रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


