
भागलपुर, 15 मई 2026। बिहार में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जारी भारी फेरबदल के बीच भागलपुर जिला पुलिस बल के भीतर भी एक बहुत बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा भागलपुर जिलादेश संख्या-1011/2026 जारी कर बड़े पैमाने पर सब-इंस्पेक्टर (पु०अ०नि०) स्तर के अधिकारियों का तबादला और नए थाना अध्यक्षों (SHO) के रूप में पदस्थापन किया गया है। गृह विभाग (विशेष शाखा) के संकल्पों के आलोक में विशेष योग्यता रखने वाले कुल 10 पुलिस पदाधिकारियों को समय अवधि से पूर्व या कार्यहित में नए थानों और विशेष शाखाओं की कमान सौंपी गई है। इस आदेश के तहत बरारी, सबौर, जोगसर, ललमटिया, गोराडीह, अकबरनगर और एनटीपीसी जैसे महत्वपूर्ण थानों के थानेदार बदल दिए गए हैं। एसएसपी ने सभी स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों को अगले 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का सख्त निर्देश जारी किया है।
थानेदारों के तबादले की विस्तृत सूची: जानें किसे कहाँ मिली कमान
जिलादेश के अनुसार, विभिन्न थानों में तैनात जूनियर सब-इंस्पेक्टरों को प्रभार सौंपते हुए मुख्यधारा की थानों की कमान दी गई है, जबकि कुछ वर्तमान थाना अध्यक्षों को हटाकर लूप लाइनों या विशेष विंग में भेजा गया है।
तबादला और पदस्थापन की पूरी विवरणी इस प्रकार है:
- पु०अ०नि० विनोद कुमार: नाथनगर थाना में कार्यरत थे, इन्हें थानाध्यक्ष, जोगसर थाना के पद पर पदस्थापित किया गया है।
- पु०अ०नि० विपिन कुमार: ईशाकचक थाना से हटाकर इन्हें थानाध्यक्ष, ललमटिया थाना की नई जिम्मेदारी दी गई है।
- पु०अ०नि० विकास कुमार: गोराडीह थाना में पदस्थापित थे, इन्हें अब थानाध्यक्ष, बरारी थाना बनाया गया है।
- पु०अ०नि० रामाशीष कुमार: कहलगांव थाना से स्थानांतरित करते हुए इन्हें थानाध्यक्ष, अकबरनगर थाना नियुक्त किया गया है।
- पु०अ०नि० दीपक पासवान: वर्तमान में थानाध्यक्ष, ललमटिया थाना थे, इन्हें अब थानाध्यक्ष, गोराडीह थाना के पद पर भेजा गया है।
- पु०अ०नि० सुभाष पासवान: पुलिस केन्द्र, भागलपुर में प्रतीक्षा में थे, इन्हें थानाध्यक्ष, एनटीपीसी (NTPC) थाना की कमान सौंपी गई है।
- पु०अ०नि० अनिरुद्ध कुमार: वर्तमान थानाध्यक्ष, एनटीपीसी थाना को वहां से हटाकर पुलिस केन्द्र, भागलपुर (लाइन हाजिर) किया गया है।
- पु०अ०नि० राहुल कुमार-8: वर्तमान थानाध्यक्ष, अकबरनगर थाना को थानेदारी से हटाते हुए अनुसंधान इकाई, नाथनगर थाना में पदस्थापित किया गया है।
- पु०अ०नि० सूबेदार पासवान: वर्तमान थानाध्यक्ष, सबौर थाना को हटाकर तकनीकी शाखा (Technical Cell), भागलपुर भेजा गया है।
- पु०अ०नि० बिट्टू कुमार कमल: वर्तमान थानाध्यक्ष, बरारी थाना को स्थानांतरित करते हुए थानाध्यक्ष, सबौर थाना के पद पर नई तैनाती दी गई है।
थानेदारी के लिए कड़ी शर्तें: दागियों और दागी रिकॉर्ड वालों पर रोक
वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी इस आदेश में थाना अध्यक्ष के पद पर योगदान देने से पूर्व पुलिस पदाधिकारियों के लिए बेहद कड़े और अभूतपूर्व विधिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि किसी भी नए थाने में योगदान देने से पूर्व संबंधित अधिकारी को एक स्व-घोषणा प्रमाण पत्र अधोहस्ताक्षरी (एसएसपी कार्यालय) को उपलब्ध कराना होगा कि उनके ऊपर निम्नलिखित में से कोई भी अयोग्यता लागू नहीं होती है:
- न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि: संबंधित पुलिस पदाधिकारी को किसी भी सक्षम न्यायालय द्वारा किसी आपराधिक मामले में दोषी (Convict) न ठहराया गया हो।
- अनुसंधान में अभियुक्त: किसी भी आपराधिक कांड के अनुसंधान (Investigation) के दौरान पुलिस द्वारा उन्हें चार्जशीटेड या अभियुक्त (Accused) न बनाया गया हो।
- नैतिक अधमता (Moral Turpitude): नैतिक अधमता के गंभीर आरोपों में किसी भी विभागीय कार्रवाई में उन्हें दोषी न पाया गया हो। इसके दायरे में मुख्य रूप से तीन बिंदु शामिल किए गए हैं— (क) महिलाओं से दुर्व्यवहार, (ख) भ्रष्टाचार (Corruption), और (ग) पुलिस अभिरक्षा में हिंसा (Custodial Violence)।
- विभागीय सजा का प्रभाव: पुलिस हस्तक नियम-828 (ग) के संचालन के बाद यदि किसी अधिकारी को 03 (तीनों) या उससे अधिक वृहद सजा (Major Punishment) मिली हो, तो सजा का कुप्रभाव रहने तक वे थाना अध्यक्ष नहीं बन सकेंगे। यह कुप्रभाव अंतिम घटना की तिथि से लेकर अगले 3 वर्षों तक प्रभावी माना जाएगा।
- लंबित कार्रवाई: जिन पदाधिकारियों के विरुद्ध कोई भी विभागीय कार्यवाही (Departmental Proceedings) वर्तमान में लंबित चल रही हो, उन्हें भी थानाध्यक्ष या अंचल पुलिस निरीक्षक नहीं बनाया जा सकता।
शराबबंदी कानून में कोताही बरतने वालों पर 10 साल का प्रतिबंध
बिहार सरकार के सख्त मद्यनिषेध (शराबबंदी) कानून को लेकर इस जिलादेश में सबसे कड़ा रुख अपनाया गया है। आदेश की कंडिका-06 में स्पष्ट तौर पर प्रावधान किया गया है कि यदि किसी भी थाना अध्यक्ष के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या परिवहन पाया जाता है और उसमें संबंधित अधिकारी की शिथिलता या कर्तव्यहीनता प्रमाणित होती है, तो प्रासंगिक पुलिस आदेशों के अनुरूप उस पदाधिकारी को अगले 10 (दस) वर्षों के लिए राज्य में कहीं भी थानाध्यक्ष के पद पर पदस्थापित नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही यह शर्त भी जोड़ी गई है कि कोई भी अधिकारी उस थाने में दोबारा पदस्थापित नहीं किया जा रहा है जहाँ वे पूर्व में अपनी सेवाएं दे चुके हों। यदि इनमें से किसी भी बिंदु पर कोई अधिकारी अयोग्य पाया जाता है, तो उनका पदस्थापन आदेश स्वतः निरस्त (Cancel) माना जाएगा।
आईजी पूर्वी क्षेत्र की हरी झंडी के बाद आदेश प्रभावी
इस बड़े जिलास्तरीय फेरबदल को पूरी तरह विधिक और प्रशासनिक रूप से पुख्ता करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (IG), पूर्वी क्षेत्र, भागलपुर के कार्यालय से विधिवत अनुमति प्राप्त की गई थी। महानिरीक्षक कार्यालय के पत्रांक-2099/गो० दिनांक 14.05.2026 एवं पत्रांक-2104/गो० दिनांक 15.05.2026 के माध्यम से इन सभी पुलिस पदाधिकारियों के पूर्व पदस्थापन स्थल से नवीन पदस्थापन स्थल पर स्थानांतरण को अंतिम तकनीकी अनुमोदन प्रदान किया गया था।
आदेश के अंत में सख्त हिदायत दी गई है कि सभी स्थानांतरित अधिकारी अपनी योग्यताओं और शर्तों से जुड़े प्रमाण पत्र कार्यालय को सौंपने के उपरांत ही नए थानों में अपनी आमद (योगदान) दर्ज कराएंगे और इसकी प्रतिलिपि जिला मुख्यालय को प्रेषित करेंगे। इस आदेश के बाद भागलपुर शहरी और ग्रामीण इलाकों के थानों में नए अधिकारियों के पदभार ग्रहण करने की प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है।


