भागलपुर में दो दिनों के भीतर 13 थानों के प्रभारी बदले, लापरवाही पर जोगसर एसएचओ सस्पेंड

भागलपुर, 16 मई 2026। भागलपुर जिला पुलिस प्रशासन के भीतर कानून-व्यवस्था को नए सिरे से गतिशील बनाने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा पिछले 48 घंटों के भीतर जिले की पूरी पुलिसिंग व्यवस्था को बदलते हुए कुल 13 थानों के थाना प्रभारियों (एसएचओ) का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया गया है। इस व्यापक फेरबदल के साथ ही कर्तव्यहीनता और लापरवाही बरतने के गंभीर मामले में जोगसर थाना के मौजूदा थानाध्यक्ष मंटू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण थानों से लेकर सुदूर और औद्योगिक प्रक्षेत्रों के थानों में हुए इस आकस्मिक बदलाव से पूरे महकमे के भीतर भारी खलबली मच गई है। एसएसपी द्वारा जारी किए गए इस विधिक आदेश के तहत कई थानों के कप्तानों की जिम्मेदारियां आपस में बदली गई हैं, जबकि लूप लाइन और अनुसंधान इकाइयों में तैनात रहे अधिकारियों को मुख्यधारा की पुलिसिंग की कमान सौंपी गई है।

जोगसर एसएचओ मंटू कुमार पर गिरी निलंबन की गाज, लगे कई गंभीर आरोप

​इस बड़े फेरबदल के बीच सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई जोगसर थाना के प्रभारी मंटू कुमार के खिलाफ देखने को मिली है। एसएसपी ने उनके खिलाफ मिल रही लगातार शिकायतों और विभागीय समीक्षा के बाद उन्हें पद से हटाते हुए निलंबित कर दिया है। मंटू कुमार पर आरोप था कि वे अपने क्षेत्र में घटने वाले गंभीर आपराधिक कांडों में अपेक्षित रूप से रुचि नहीं ले रहे थे और मामलों का विधिक प्रभार ग्रहण करने में टालमटोल कर रहे थे। इसके अलावा, थानों में दर्ज होने वाले विभिन्न मुकदमों के वैज्ञानिक अनुसंधान की समुचित और विधिक निगरानी न करने की बात भी आंतरिक जांच में पुख्ता हुई थी।

​वरीय पुलिस पदाधिकारियों द्वारा अपराध नियंत्रण और गश्ती को लेकर समय-समय पर जारी किए गए कड़े दिशा-निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने तथा कुछ अति-संवेदनशील मामलों की जांच में घोर शिथिलता बरतने के कारण उन पर यह विधिक गाज गिरी है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें पुलिस लाइन में हाजिरी लगाने का निर्देश दिया गया है और वे केवल सामान्य जीवन-यापन भत्ते पर रहेंगे।

शहरी क्षेत्र के मुख्य थानों में बड़ा फेरबदल, कोतवाली और तिलकामांझी को मिले नए कप्तान

​भागलपुर शहर के मुख्य वाणिज्यिक और रिहायशी इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए नगर प्रक्षेत्र के प्रमुख थानों के प्रभारियों को आपस में बदला गया है। नए विधिक आदेश के अनुसार, कोतवाली थाना के मौजूदा थाना प्रभारी को अब तिलकामांझी थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो शहर का एक अत्यंत वीआईपी और शैक्षणिक क्षेत्र माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ, नाथनगर थाने में तैनात रहे तेजतर्रार पुलिस अधिकारी राजीव रंजन को कोतवाली थाने का नया एसएचओ बनाया गया है। कोतवाली थाना पूरे शहर की व्यावसायिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है, इसलिए वहां कानून-व्यवस्था को बनाए रखना राजीव रंजन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

​इसके साथ ही, तातारपुर थाने की कमान संभाल रहे रविशंकर को वहां से स्थानांतरित करते हुए मोजाहिदपुर थाने का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। तातारपुर थाने में रिक्त हुए पद को भरने के लिए अभियोजन शाखा में प्रभारी के रूप में कार्यरत विनोद कुमार को नया तातारपुर थानाध्यक्ष बनाया गया है। पुलिस मुख्यालय की तकनीकी शाखा में अपनी सेवाएं दे रहे अजीत कुमार को फील्ड ड्यूटी सौंपते हुए रसलपुर का नया थानाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। मंटू कुमार के निलंबन के बाद खाली हुए संवेदनशील जोगसर थाने की कमान नाथनगर में पदस्थापित विनोद कुमार को सौंपी गई है, जिन्हें तुरंत कार्यभार संभालने का विधिक निर्देश दिया गया है।

उपनगरीय और ग्रामीण थानों में नए समीकरण, सबौर और बरारी के बदले प्रमुख

​शहर के बाहरी इलाकों और गंगा तटीय प्रक्षेत्रों से जुड़े थानों में भी प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए व्यापक फेरबदल किया गया है। इशाकचक थाने में सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) के रूप में कार्यरत विपिन कुमार की कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें प्रोन्नत करते हुए ललमटिया थाने का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, गोराडीह थाने में तैनात दारोगा विकास कुमार को बरारी जैसे बड़े और महत्वपूर्ण थाने की कमान सौंपी गई है। कहलगांव अनुमंडल के पुलिस सर्किल में पदस्थापित रामाशीष कुमार को स्थानांतरित कर अकबरनगर का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

​ललमटिया थाने में तैनात रहे दीपक पासवान को अब गोराडीह का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है, जहाँ वे ग्रामीण अपराध नियंत्रण की कमान संभालेंगे। लंबे समय से पुलिस लाइन में तैनात रहे सुभाष पासवान को मुख्यधारा में लाते हुए औद्योगिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण एनटीपीसी (NTPC) थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, बरारी थाने के थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत बिट्टू कुमार कमल को वहां से हटाकर सबौर का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है, जो कृषि विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय राजमार्ग के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील पॉकेट है।

हटाए गए थानेदारों का नई शाखाओं और अनुसंधान इकाइयों में पदस्थापन

​इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत जिन थानों के प्रभारियों को उनके वर्तमान पदों से मुक्त किया गया है, उन्हें पुलिसिंग के अन्य विधिक विभागों और तकनीकी विंगों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, ताकि उनके अनुभव का उपयोग जांच कार्यों में किया जा सके।

  • राहुल कुमार-8 (पूर्व थानाध्यक्ष, अकबरनगर): इन्हें नाथनगर थाना की विशेष अनुसंधान इकाई (इन्वेस्टिगेशन यूनिट) में भेजा गया है, जहाँ वे गंभीर कांडों के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का कार्य संभालेंगे।
  • अनिरुद्ध कुमार (पूर्व थानाध्यक्ष, एनटीपीसी): इन्हें तत्काल प्रभाव से वर्तमान पद से मुक्त करते हुए लाइन क्लोज कर दिया गया है और उनकी आमद पुलिस केंद्र (पुलिसलाइन) में दर्ज करने का हुक्म दिया गया है।
  • सुबेदार पासवान (पूर्व थानाध्यक्ष, सबौर): इन्हें फील्ड पुलिसिंग से हटाकर जिला पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) में पदस्थापित किया गया है, जहाँ वे तकनीकी सर्विलांस और डेटा विश्लेषण का कार्य देखेंगे।
  • संजय कुमार (पूर्व थानाध्यक्ष, गोराडीह): इन्हें एक महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारी सौंपते हुए इशाकचक अंचल का नया सर्किल इंस्पेक्टर (अंचल पुलिस निरीक्षक) बनाया गया है। वे अपने अधीन आने वाले थानों के कामकाज की विधिक निगरानी करेंगे।
  • धीरेंद्र यादव (पूर्व थानाध्यक्ष, मोजाहिदपुर): इन्हें वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती यानी साइबर अपराधों से निपटने के लिए भागलपुर के विशेष साइबर थाना में तैनात किया गया है।
  • शंभू पासवान (पूर्व थानाध्यक्ष, तिलकामांझी): इन्हें थानों की कमान से मुक्त करते हुए समानांतर विधिक कार्यों के लिए जिला अभियोजन कोषांग का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जहाँ वे अदालती मामलों और पुलिस समन्वय को मजबूत करेंगे।

24 घंटे के भीतर प्रभार ग्रहण करने और लंबित फाइलों को सौंपने का कड़ा हुक्म

​एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी इस आधिकारिक जिलादेश में सभी नवनियुक्त और स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों को बिना किसी विधिक या व्यावहारिक देरी के अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने आवंटित थानों और शाखाओं में योगदान देने का सख्त निर्देश दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुराने थानों से विदा होने वाले सभी अधिकारी अपने कार्यकाल के दौरान लंबित पड़े गंभीर कांडों की केस डायरी, मालखाना का प्रभार और सरकारी हथियारों की सूची नए आने वाले थानाध्यक्षों को पारदर्शी तरीके से सौंपना सुनिश्चित करेंगे।

​इस पूरी प्रक्रिया की विधिक निगरानी संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को सौंपी गई है, जो अपनी देखरेख में थानों का प्रभार हस्तांतरण कराएंगे और इसकी अंतिम रिपोर्ट जिला मुख्यालय को प्रेषित करेंगे। भागलपुर पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस व्यापक फेरबदल से थानों की कार्यप्रणाली में एक नया विधिक सुधार देखने को मिलेगा और आम जनता को अपनी शिकायतों के त्वरित निष्पादन में सहूलियत होगी।

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