भागलपुर| मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंगलवार को मुखेरिया में आयोजित सभा के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री मंच से कोई घोषणा करेंगे और कुछ समय निकालकर ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सभा स्थल पर भीषण गर्मी के बीच दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार कर रहे ग्रामीण, खासकर महिलाएं इस बात से नाराज दिखीं कि मुख्यमंत्री ने न तो मंच से भाषण दिया, न ही दर्शक दीर्घा की ओर रुख किया। स्टॉलों का निरीक्षण करने के बाद वह सीधे कार में बैठकर हेलीपैड रवाना हो गए।
गांव की शीला कुमारी ने आक्रोश जताते हुए कहा, “हम सोच रहे थे कि मुख्यमंत्री हमारी बात सुनेंगे, लेकिन बिना कुछ कहे-सुने लौट गए। जब वे आम महिलाओं की बात नहीं सुनते हैं, तो भला महिला सशक्तिकरण कैसे संभव होगा?”
अन्य महिलाओं ने भी कहा कि यदि जनता से संवाद नहीं होगा, तो योजनाओं का असर जमीनी स्तर तक कैसे पहुंचेगा?
सभा के बाद करीब दर्जनभर नाराज महिलाओं ने मिलकर अपनी उपेक्षा पर आवाज उठाई, जिसे स्थानीय प्रशासन ने समझा-बुझाकर शांत कराया।


